भाजपा के दिग्गज ने बताई जीत के पीछे की पूरी कहानी
Bihar Election Result: बिहार के चुनावी नतीजे तो बस एक शुरुआत हैं, पटना के ‘सियासी किले’ पर NDA के कब्जे के साथ ही अब नई तैयारी शुरू हो गई है। बिहार की पारी खत्म होते ही बीजेपी ने अपने अगले लक्ष्य का ऐलान कर दिया है। यह ऐलान किसी और ने नहीं बल्कि भाजपा के एक दिग्गज मुख्यमंत्री ने किया है। उन्होंने न सिर्फ बिहार की जीत का श्रेय पीएम मोदी को दिया, बल्कि यह भी बताया कि यह सब पहले से ही तय था और अब अगला कदम क्या होगा।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने जो प्रदर्शन किया है, उसने सारे राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए गठबंधन 200 सीटों का जादुई आंकड़ा पार करते हुए प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ता हुआ दिखाई पड़ रहा है। यह लगभग तय हो गया है कि पटना के सियासी किले पर एक बार फिर नीतीश कुमार का कब्जा होगा और NDA की सरकार बनेगी। मतगणना से पहले ही नीतीश कुमार ने जीत का दम भर दिया था।
#WATCH | Agartala: On the NDA crossing the majority figure in Bihar, Tripura Chief Minister Manik Saha says, “We are very happy and we knew that we were going to win in Bihar. I want to thank Prime Minister Modi…In the coming days, we will also win in West Bengal…” pic.twitter.com/xK0rWmAhLk — ANI (@ANI) November 14, 2025
बिहार में एनडीए की इस ऐतिहासिक जीत पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने उत्साह जाहिर करते हुए कहा, “हम बहुत खुश हैं और हमें पता था कि हम बिहार में जीतेंगे।” माणिक साहा ने इस जीत का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं” उनके इस बयान से इतना तो स्पष्ट है कि भाजपा नेतृत्व बिहार के नतीजों को लेकर सकारात्मक आंकड़ों के लिए पहले से ही आश्वस्त था।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा सिर्फ बिहार की जीत पर ही नहीं रुके। उन्होंने पार्टी की अगली रणनीति का भी संकेत दे दिया है। बिहार की पारी समाप्त करने के बाद उन्होंने बंगाल की तैयारी शुरू करने का ऐलान कर दिया। माणिक साहा ने अपने बयान में आगे कहा, “आने वाले दिनों में हम पश्चिम बंगाल में भी जीतेंगे।” उनके इस एक बयान ने पश्चिम बंगाल की सियासत में हलचल मचा दी है। बिहार के नतीजों से उत्साहित भाजपा अब अपना पूरा ध्यान बंगाल पर केंद्रित करने की तैयारी में है। वहीं, इन चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के लिए भी रुझान राहत भरे साबित हुए हैं।
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इस जीत ने जहां एनडीए में खुशी की लहर दौड़ा दी है, वहीं तेजस्वी यादव के लिए यह दोहरा झटका साबित हुआ है। तेजस्वी ने 18 नवंबर को शपथ लेने का दावा किया था, लेकिन उनका यह दावा पूरी तरह खोखला साबित हुआ। 143 सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद भी उनकी पार्टी सिर्फ 24 सीटों पर जीतती नजर आ रही है। दूसरी ओर, चिराग पासवान ने शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी पार्टी को केवल 29 सीटें मिली थीं, लेकिन वे 20 सीटें जीतने में कामयाब रहे हैं।