चेनारी विधानसभा: विकास से कोसों दूर सीट, 2025 में ‘हेलीकॉप्टर’ या ‘हाथ’ किसका होगा साथ?
Bihar Assembly Elections: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में चेनारी (SC) सीट पर लोजपा (रा) के मुरारी गौतम और कांग्रेस के मंगल राम में कांटे की टक्कर है। विकास की कमी, सिंचाई और दल-बदल यहां अहम मुद्दे हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
चेनारी विधानसभा, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Chenari Assembly Constituency: बिहार के रोहतास जिले में स्थित चेनारी विधानसभा सीट, आगामी Bihar Assembly Election 2025 के मद्देनजर सबसे अधिक चर्चा में है। यह सीट, जो अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, जदयू द्वारा एनडीए गठबंधन के तहत लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को सौंप दी गई है।
इस बार यहाँ मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवारों के बीच है। अब देखना यह है कि स्थानीय जनता इस चुनाव में ‘हेलीकॉप्टर’ (लोजपा का चुनाव चिह्न) पर सवार होगी या ‘हाथ’ (कांग्रेस का चुनाव चिह्न) का साथ देगी।
दल-बदल की कहानी और चुनावी समीकरण
चेनारी सीट का वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य दल-बदल की कहानी से बुना गया है। इस सीट पर लोजपा (रामविलास) की ओर से मुरारी प्रसाद गौतम चुनावी मैदान में हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Forest Range Officer Recruitment 2026: वनों के क्षेत्र पदाधिकारी के 16 पदों पर भर्ती, 16 अगस्त तक करें आवेदन
MLC बने दीपक प्रकाश, मंत्री पद पर छाया संवैधानिक संकट खत्म; उपेंद्र कुशवाहा परिवार को बड़ी सियासी राहत
बिहार सरकार का बड़ा फैसला! राज्य में PPP मॉडल पर चलेंगे 16 मेडिकल कॉलेज, 17 प्रस्तावों पर लगी कैबिनेट मुहर
हिला देने वाला खुलासा! भाई वीरेंद्र ने झारखंड विरोध प्रदर्शन और पार्टी के भीतर खोल दिए सारे राज, देखें VIDEO
मुरारी प्रसाद गौतम वर्तमान में यहाँ से विधायक हैं। वह साल 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े और जीते, जहाँ उन्होंने जदयू के उम्मीदवार को मात दी थी। हालांकि, उन्होंने बाद में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और इस चुनाव में वह एनडीए में शामिल चिराग पासवान की पार्टी से चुनावी मैदान में हैं।
कांग्रेस से सीधे तौर पर कांटे की चुनौती
दूसरी ओर, कांग्रेस ने क्षेत्र के वरिष्ठ नेता मंगल राम को टिकट दिया है। इस सीधी टक्कर के अलावा, आम आदमी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय पार्टियों ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं, लेकिन लोजपा (रामविलास) और कांग्रेस के उम्मीदवार में सीधे तौर पर कांटे की चुनौती है। बता दें कि चेनारी विधानसभा में कुल 3,15,790 मतदाता हैं, जिनमें पुरुष मतदाता 1,64,324, महिला मतदाता 1,51,460 और थर्ड जेंडर के 6 हैं।
विकास से कोसों दूर, जमीनी मुद्दे हावी
चेनारी विधानसभा में रहने वाले लोगों के अनुसार, यहाँ विकास कोसों दूर है और बुनियादी मुद्दे ही चुनावी एजेंडे पर हावी हैं:
कृषि संकट और सिंचाई: किसान खेतों तक पानी न पहुंचने से परेशान हैं, जिससे फसलें सूख जाती हैं। इस कृषि संकट के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।
शिक्षा और पलायन: यहाँ के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है, जिससे उनके परिवार पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है।
बुनियादी ढांचा: टूटी सड़कों को आज भी मरम्मत की दरकार है।
स्वास्थ्य और जलभराव: बरसात के दिनों में जलभराव की गंभीर समस्या से जूझना पड़ता है। काफी समय तक जलभराव रहने से क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी घातक बीमारी फैलने की संभावना बनी रहती है।
बिजली की आपूर्ति: बिजली की आपूर्ति घंटों तक बाधित रहती है, जिससे जनजीवन और व्यापार प्रभावित होता है।
यह भी पढ़ें:- रजौली विधानसभा: 10 साल से राजद का कब्जा, क्या एनडीए घटक दल पार कर पाएगा चुनौती?
सरकारी योजनाओं से मिली आंशिक राहत
इन चुनौतियों के बावजूद, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं से किसानों और महिलाओं को कुछ राहत मिली है। इनमें पीएम मोदी की किसान सम्मान निधि योजना और हाल ही में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ यहाँ पर मिला है, जिसका असर मतदाता के फैसले पर पड़ सकता है।
