

Maharashtra Government Promise: किसानों की कर्जमाफी सहित अन्य मांगों को लेकर करीब 30 घंटों तक नागपुर शहर की सीमा ब्लॉक करने वाले किसानों को बड़ी जीत मिली है। प्रहार के अध्यक्ष व पूर्व राज्य मंत्री बच्चू कड़ू के नेतृत्व में किये गए इस आंदोलन के बाद सरकार ने उनके सहित किसान नेताओं को चर्चा के लिए मुंबई बुलाया और फिर 30 जून तक सभी पात्र किसानों की कर्जमाफी का वादा किया।
सरकार के वादे के बाद आंदोलन थम गया लेकिन कड़ू ने चेतावनी दी है कि अगर वादा नहीं निभाया गया तो दोबारा किसान सड़क पर उतरेंगे। मुंबई से नागपुर लौटने के बाद एयरपोर्ट पर उनका किसानों, दिव्यांगजनों व प्रहार सहित विविध किसान संगठन के कार्यकर्ताओं ने जंगी स्वागत किया। कड़ू ने कहा कि यह जीत मेरी नहीं बल्कि राज्य के किसानों की है।
उन्होंने कर्जमाफी के लिए जून तक का समय लिये जाने के कारण को स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर आज की तारीख में कर्जमाफी ली होती तो केवल वर्ष 2019 से 2024 की अवधि तक बकायादार किसानों को ही लाभ मिलता। हाल में हुई अतिवृष्टि से नुकसानग्रस्त किसानों को भी कर्जमाफी की जरूरत है। अपने किसान भाइयों के लिए 30 जून तक का समय दिया। 31 मार्च के बाद सभी बकायादार होंगे और उन्हें भी कर्जमाफी का लाभ मिलेगा।
कड़ू ने कहा कि कर्जबाजारी में डूबे लाखों किसानों के हित में निर्णय हुआ। इसलिए हमने आंदोलन स्थगित कर दिया लेकिन रद्द नहीं किया है। अगर सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया तो फिर सड़क पर उतरेंगे। इस आंदोलन कि सफलता सभी की है। मैं केवल किसानों की आवाज पहुंचाने का माध्यम हूं।
जब किसान डूबता है तो सरकार सोती रहती है लेकिन जब किसान उठता है तो सरकार डरती है। उन्होंने महाएल्गार आंदोलन का समर्थन देने वाले वामनराव चटप, राजू शेट्टी, डॉ. अजीत नवले, महादेव जानकर, राजन क्षीरसागर, रविकांत तुपकर, हरिभाऊ राठौड़, सांसद अमर काले, उमेश पाटिल, अनिल देशमुख सहित कार्यकर्ताओं व किसानों का आभार माना।
एयरपोर्ट पर कड़ू का ढोल-ताशों के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने बताया कि आंदोलन में भाग लेने के चलते उनके, राजू शेट्टी व महाएल्गार आयोजक समिति के करीब 2500 कार्यकर्ताओं के खिलाफ नागपुर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि लेकिन इससे हम पीछे नहीं हटने वाले हैं।