नीतीश सरकार में मंत्री जेडीयू नेता श्रवण कुमार के काफिले पर हमला, बॉडीगार्ड जख्मी
Bihar के नालंदा में ग्रामीणों ने मंत्री श्रवण कुमार पर जानलेवा हमले की कोशिश की। मंत्री के काफिले की गाड़ियों लंबी दूरी तक पीछा किया गया और खदेड़ दिया गया। हमले में सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
मंत्री श्रवण कुमार, फोटो- सोशल मीडिया
Minister Shravan Kumar: ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और स्थानीय विधायक प्रेम मुखिया के काफिले पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया गया। घटना हिलसा थाना इलाके के मलावां गांव की है। यहां ग्रामीण विकास मंत्री सड़क हादसे में मारे गए 9 लोगों के परिजन से मिलने पहुंचे थे।
परिजन से मिलने जाने दौरान मंत्री श्रवण कुमार के काफिले पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। भीड़ के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोगों ने करीब एक किलोमीटर तक काफिले का पीछा किया। गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे मंत्री
मंत्री और विधायक बुधवार को मलावां गांव पहुंचे थे ताकि पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दे सकें। लेकिन जैसे ही वे आधे घंटे बाद वहां से लौटने लगे, गांव के कुछ लोगों ने अचानक उनके काफिले पर हमला कर दिया। भीड़ इस कदर उग्र हो गई कि उन्होंने करीब एक किलोमीटर तक काफिले का पीछा किया। किसी तरह मंत्री और विधायक मौके से निकलने में सफल रहे, हालांकि कई सुरक्षाकर्मी हमले में घायल हो गए हैं।
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गांव में बढ़ाई गई सुरक्षा, जांच में जुटी पुलिस
हमले की सूचना मिलते ही आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले की योजना पहले से थी या यह घटना अचानक हुई भीड़ की नाराजगी का नतीजा थी।
मंत्री ने दी सफाई, कहा- दुख साझा करने गया था
घटना के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने मीडिया से कहा कि वे केवल मृतकों के परिजनों से मिलने और सरकार की ओर से दी जा रही मदद की जानकारी देने पहुंचे थे। उन्होंने कहा, “मैं वहां किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं गया था, केवल दुख में शामिल होने गया था। अगर कुछ लोग नाराज थे, तो मुझे इसकी जानकारी नहीं थी।”
हाल के दिनों में नेताओं पर हमलों की बढ़ती घटनाएं
यह कोई पहली बार नहीं है जब बिहार में किसी मंत्री या नेता को गुस्साई भीड़ का सामना करना पड़ा हो। कुछ दिन पहले ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को पटना में लोगों ने दौड़ा दिया था। यह घटना इंद्रपुरी इलाके की है, जहां दो मासूमों की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोग गुस्से में थे। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह हत्यारों को बचाने की कोशिश कर रही है। आक्रोशित भीड़ ने सड़क जाम किया। इसी दौरान मंगल पांडे वहां पहुंचे और उनका काफिला भी भीड़ के निशाने पर आ गया। लोगों ने उन पर हमला कर दिया और खदेड़ दिया।
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फिलहाल नालंदा में हालात सामान्य बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
