बीच शपथ में अटके सम्राट चौधरी? RJD ने वीडियो शेयर कर उड़ाया मजाक, पूछा- जो पढ़ नहीं सकता वो बिहार क्या चलाएगा?
RJD On Samrat Choudhary: बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण पर RJD ने साधा निशाना। वीडियो शेयर कर कहा- जो ठीक से शपथ नहीं पढ़ पाए, वो बिहार का भविष्य क्या संभालेंगे।
- Written By: सजल रघुवंशी
RJD Target Samrat Choudhary: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण के साथ ही जुबानी जंग तेज हो गई है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ तो ले ली, लेकिन मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने उनके शपथ पढ़ने के तरीके पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया है। आरजेडी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो साझा किया है, जिसमें सम्राट चौधरी शपथ के कुछ शब्दों पर अटकते और उन्हें बार-बार दोहराते नजर आ रहे हैं। आरजेडी का आरोप है कि जो व्यक्ति गरिमापूर्ण तरीके से शपथ के शब्द भी नहीं पढ़ सकता, वह प्रदेश का शासन कैसे चलाएगा। इसके साथ ही आरजेडी ने बीजेपी के सुशासन के दावों और नैतिकता पर भी हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि बीजेपी ने योग्यता और मापदंडों को ताक पर रखकर यह नियुक्ति की है। यह हमला केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्राट चौधरी के राजनीतिक अतीत और परिवारवाद के उन मुद्दों को भी कुरेदता है जिन्हें बीजेपी अक्सर विपक्ष के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है। अब देखना यह है कि सम्राट चौधरी और बीजेपी इस ‘वक्त के तमाचे’ वाले तंज का किस तरह जवाब देते हैं।
RJD Target Samrat Choudhary: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण के साथ ही जुबानी जंग तेज हो गई है। सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ तो ले ली, लेकिन मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने उनके शपथ पढ़ने के तरीके पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया है। आरजेडी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो साझा किया है, जिसमें सम्राट चौधरी शपथ के कुछ शब्दों पर अटकते और उन्हें बार-बार दोहराते नजर आ रहे हैं। आरजेडी का आरोप है कि जो व्यक्ति गरिमापूर्ण तरीके से शपथ के शब्द भी नहीं पढ़ सकता, वह प्रदेश का शासन कैसे चलाएगा। इसके साथ ही आरजेडी ने बीजेपी के सुशासन के दावों और नैतिकता पर भी हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि बीजेपी ने योग्यता और मापदंडों को ताक पर रखकर यह नियुक्ति की है। यह हमला केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्राट चौधरी के राजनीतिक अतीत और परिवारवाद के उन मुद्दों को भी कुरेदता है जिन्हें बीजेपी अक्सर विपक्ष के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल करती है। अब देखना यह है कि सम्राट चौधरी और बीजेपी इस ‘वक्त के तमाचे’ वाले तंज का किस तरह जवाब देते हैं।
