ड्रिंक एंड ड्राइव चालान, लोक अदालत में मिलेगा राहत या नहीं?

ई मामलों में जेल भी जाना पड़ सकता है। इस साल की पहली नेशनल लोक अदालत 8 मार्च को आयोजित की जाएगी, जहां कई पेंडिंग चालानों का निपटारा किया जा सकता है। लेकिन क्या ड्रिंक एंड ड्राइव चालान में छूट मिलेगी?
National Lok Adalat
National Lok Adalat में क्या और कैसे होगे फैसले। (सौ. Design)
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नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: शराब पीकर गाड़ी चलाना न केवल अवैध है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाता है और कई मामलों में जेल भी जाना पड़ सकता है। इस साल की पहली नेशनल लोक अदालत 8 मार्च को आयोजित की जाएगी, जहां कई पेंडिंग चालानों का निपटारा किया जा सकता है। लेकिन क्या ड्रिंक एंड ड्राइव चालान में छूट मिलेगी? आइए जानते हैं पूरी जानकारी।

नेशनल लोक अदालत में कौन-कौन से चालान निपटाए जा सकते हैं?

लोक अदालत में निम्नलिखित मामलों का समाधान किया जाता है:

  • ट्रैफिक चालान (नियमित उल्लंघन वाले)
  • बिजली और पानी बिल संबंधी विवाद
  • जमीन-जायदाद के मसले
  • पारिवारिक विवाद
  • बैंक लोन से जुड़े मामले

नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NLSA), नई दिल्ली ने 2025 के लोक अदालत शेड्यूल को जारी कर दिया है। इसके तहत:

  • पहली लोक अदालत – 8 मार्च
  • दूसरी लोक अदालत – 10 मई
  • तीसरी लोक अदालत – 13 सितंबर
  • चौथी और अंतिम लोक अदालत – 13 दिसंबर

क्या ड्रिंक एंड ड्राइव चालान माफ होगा?

ड्रिंक एंड ड्राइव एक गंभीर अपराध है, इसलिए इसका चालान माफ नहीं किया जाता है। शराब पीकर वाहन चलाना न केवल आपकी बल्कि अन्य लोगों की जान को भी खतरे में डालता है, इसलिए कोर्ट ऐसे मामलों में भारी जुर्माना और सख्त सजा का प्रावधान रखती है।

यदि किसी व्यक्ति को नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे ऑन-द-स्पॉट चालान भरना पड़ता है और कई मामलों में ड्राइवर का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

किन ट्रैफिक चालानों पर छूट मिल सकती है?

लोक अदालत में केवल साधारण ट्रैफिक उल्लंघनों पर छूट दी जाती है, जैसे:

  • सीट बेल्ट न पहनना
  • बिना हेलमेट टू-व्हीलर चलाना
  • रेड लाइट जंप करना
  • ओवरस्पीडिंग

कैसे पेश करें अपना मामला?

यदि आपका चालान किसी गलती या सामान्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण कटा है और आपका वाहन किसी अपराध या दुर्घटना से जुड़ा नहीं है, तो आप लोक अदालत में अपने चालान को कम करवाने की अपील कर सकते हैं।

इसके लिए आपको अदालत में अपने पक्ष को स्पष्ट और सही तरीके से प्रस्तुत करना होगा। यदि आपकी दलील स्वीकार कर ली जाती है, तो आपका चालान कम किया जा सकता है या पूरी तरह माफ भी हो सकता है।

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