कमाई सीमित, खर्च भारी? पेट्रोल या इलेक्ट्रिक कार, 5 साल में कौन कराएगी ज्यादा बचत?
Electric Car Vs Petrol Car: कीमत, ईंधन या चार्जिंग खर्च, सर्विस और मेंटेनेंस, इंश्योरेंस, टैक्स और रीसेल वैल्यू ये सभी मिलकर तय करते हैं असली ओनरशिप कॉस्ट। तो आखिर पेट्रोल कार सही है या ईवी?
- Written By: सिमरन सिंह
Petrol Vs EV (Source. Freepik)
Petrol Vs EV Cost Comparison 2026: आज कार खरीदना सिर्फ शोरूम कीमत देखने तक सीमित नहीं रह गया है। असली सवाल यह है कि 5 साल में आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा। खरीद कीमत, ईंधन या चार्जिंग खर्च, सर्विस और मेंटेनेंस, इंश्योरेंस, टैक्स और रीसेल वैल्यू ये सभी मिलकर तय करते हैं असली ओनरशिप कॉस्ट। तो आखिर पेट्रोल कार सही है या ईवी? आइए आसान गणित से समझते हैं।
छोटी कारों में बड़ा फर्क
अगर मारुति डिजायर (पेट्रोल) और टाटा टियागो ईवी की तुलना करें तो डिजायर का माइलेज अच्छा है, लेकिन टियागो ईवी की रनिंग कॉस्ट सिर्फ 0.80 से 1 रुपये प्रति किमी बैठती है। मान लीजिए आप 5 साल में 75,000 किमी ड्राइव करते हैं। ऐसे में डिजायर में लगभग 3.80 लाख रुपये का पेट्रोल खर्च होगा, जबकि टियागो ईवी में करीब 65 हजार रुपये की बिजली लगेगी। यानी शुरुआती कीमत में जो करीब 3 लाख रुपये का अंतर दिखता है, वह 4 लाख की बचत में बदल सकता है।
मिड-साइज एसयूवी: माइलेज बनाम टॉर्क
महिंद्रा एक्सयूवी या ह्यूंदै वेन्यू जैसी पेट्रोल एसयूवी शहर में औसतन 10-12 kmpl का माइलेज देती हैं। भारी इंजन के कारण इनकी ईंधन खपत ज्यादा होती है। वहीं इलेक्ट्रिक एसयूवी बेहतर टॉर्क और स्मूद पिक-अप देती हैं। प्रति किलोमीटर 6-7 रुपये तक की सीधी बचत हो सकती है। शहर में रोजाना ज्यादा चलने वालों के लिए यह अंतर बड़ा मायने रखता है।
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प्रीमियम सेगमेंट: लग्जरी के साथ बचत
ह्यूंदै क्रेटा या किया सेल्टोस जैसी पेट्रोल गाड़ियां आराम तो देती हैं, लेकिन फ्यूल बिल भी प्रीमियम होता है। इसके मुकाबले एमजी जेडएस ईवी या हुंडई कोना जैसी ईवी पर कई राज्यों में रोड टैक्स में भारी छूट मिलती है। 5 साल के स्वामित्व में प्रीमियम ईवी अपने पेट्रोल मॉडल से करीब 6 लाख रुपये तक बचत करा सकती है, जो इसकी ऊंची कीमत को संतुलित करती है।
मेंटेनेंस में छिपी असली बचत
पेट्रोल कार को 5 साल में कम से कम 10 बार सर्विस की जरूरत पड़ती है। इंजन ऑयल, कूलेंट और फिल्टर का खर्च अलग।
- पेट्रोल कार: 70,000-90,000 रुपये
- इलेक्ट्रिक कार: 15,000-25,000 रुपये
ईवी में कम मूविंग पार्ट्स होने से सर्विस खर्च काफी कम रहता है।
रीसेल, इंश्योरेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर
2026 तक चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क काफी बढ़ चुका है, जिससे “रेंज एंजाइटी” कम हुई है। ईवी पर 8 साल की बैटरी वारंटी सेकंड-हैंड मार्केट में भरोसा बढ़ा रही है। अनुमान है कि 3-5 साल में ईवी अपनी कीमत का 55-65% तक वापस दिला सकती है। हालांकि ईवी का इंश्योरेंस प्रीमियम 10–15% तक ज्यादा हो सकता है, लेकिन रोड टैक्स छूट और सरकारी योजनाओं से ऑन-रोड कीमत संतुलित हो जाती है।
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आपके लिए क्या सही?
अगर आपका बजट सीमित है और लंबी दूरी ज्यादा तय करते हैं, तो पेट्रोल कार फिलहाल सुरक्षित विकल्प है। लेकिन अगर रोजाना शहर में ड्राइविंग ज्यादा है और आप कार लंबे समय तक रखना चाहते हैं, तो ईवी समझदारी का सौदा साबित हो सकती है।
