10 साल पुरानी गाड़ियों पर बढ़ा बोझ, कुछ श्रेणियों में 10 गुना तक महंगी हुई फीस

Fitness Certificate Cost: पुराने वाहन मालिकों के लिए एक और बड़ा झटका सामने आया है। MoRTH ने देशभर में वाहनों के फिटनेस टेस्ट की फीस में भारी बढ़ोतरी की है।
10 साल पुरानी गाड़ियों पर बढ़ा बोझ, कुछ श्रेणियों में 10 गुना तक महंगी हुई फीस
पुरानी कार में क्या आया बदलाव। (सौ. Pixabay)
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Old Vehicle Rules: पुराने वाहन मालिकों के लिए एक और बड़ा झटका सामने आया है। मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज़ (MoRTH) ने देशभर में वाहनों के फिटनेस टेस्ट की फीस में भारी बढ़ोतरी की है। नई दरें कुछ कैटेगरी में पहले से 10 गुना तक अधिक हो चुकी हैं। ये संशोधन सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) के तहत लागू किए गए हैं और तत्काल प्रभाव से लागू हैं।

10 साल पूरा होते ही गाड़ियां होंगी महंगी कैटेगरी में शामिल

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि सरकार ने उच्च फीस वाली श्रेणी के लिए वाहन की आयु सीमा 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष कर दी है। इसका मतलब अब जैसे ही आपकी गाड़ी 10 साल की होगी, वह सीधे हाई-फीस कैटेगरी में शामिल हो जाएगी। MoRTH ने नए नियमों के तहत वाहनों को तीन आयु समूहों में बांटा है:

  • 10 से 15 वर्ष
  • 15 से 20 वर्ष
  • 20 वर्ष से अधिक

जैसे-जैसे वाहन की उम्र बढ़ेगी, फिटनेस टेस्ट की लागत भी उसी अनुपात में बढ़ती जाएगी।

बाइक, कार, ऑटो से लेकर ट्रक सबके लिए बदली दरें

नई फीस संरचना दोपहिया, तिपहिया, क्वाड्रिसाइकिल, LMV, मीडियम और हेवी गुड्स तथा पैसेंजर वाहनों सभी प्रकार के वाहनों पर लागू होगी। वाहन का आकार चाहे जो भी हो, कम उम्र के मुकाबले पुराने वाहनों पर अब काफी अधिक खर्च लगेगा। सबसे बड़ा असर 20 साल पुराने कमर्शियल वाहनों पर 10 गुना तक बढ़ोतरी सबसे ज्यादा मार भारी व्यावसायिक वाहनों पर पड़ी है। नई दरें इस प्रकार हैं:

  • 20 साल से ज्यादा पुराने ट्रक/बस: पहले 2,500 रुपये, अब 25,000 रुपये
  • 20 साल पुराने मीडियम कमर्शियल वाहन: पहले 1,800 रुपये, अब 20,000 रुपये
  • 20 साल से अधिक पुराने LMV: अब 15,000 रुपये
  • 20 साल पुराने तिपहिया वाहन: पहले 7,000 रुपये
  • दोपहिया वाहन: पहले 600 रुपये, अब 2,000 रुपये

यह बढ़ोतरी साफ दिखाती है कि सरकार पुरानी, प्रदूषण फैलाने वाली और असुरक्षित गाड़ियों को सड़कों से हटाने के प्रयास में है।

15 साल से कम पुरानी गाड़ियां भी नहीं बचीं

सिर्फ 15 साल से ऊपर की गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि कम उम्र वाली गाड़ियों पर भी फिटनेस फीस बढ़ा दी गई है। नए नियम 81 के अनुसार:

  • मोटरसाइकिल: 400 रुपये
  • लाइट मोटर वाहन: 600 रुपये
  • मीडियम/हेवी कमर्शियल वाहन: 1,000 रुपये

सरकार का कहना है कि ये परिवर्तन सड़क सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और पुराने वाहनों को चरणबद्ध रूप से हटाने के लिए आवश्यक हैं। लेकिन वाहन मालिकों के लिए यह निश्चित रूप से बड़ा वित्तीय बोझ बनकर उभरा है। अगर आपकी गाड़ी 10 साल पूरी करने वाली है, तो अब फिटनेस टेस्ट के लिए जेब थोड़ा और ढीली करनी पड़ेगी।

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