भीख का कटोरा और शाही ठाठ! 7 करोड़ पाकिस्तानी गरीब, फिर भी मरियम नवाज ने खरीदा 1170 करोड़ का विमान

Pakistan News : पाकिस्तान अपने इतिहास के सबसे भीषण आर्थिक दौर से गुजर रहा है। देश में गरीबी का स्तर पिछले 11 वर्षों के उच्चतम बिंदु पर पहुंच गया है, जबकि आय की असमानता ने 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है।
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मरियम नवाज और उनका प्लेन।
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Pakistan Financial Situation News : भारत विरोध और कट्टरपंथी एजेंडे की राजनीति करने वाले पाकिस्तान के लिए अब अपना अस्तित्व बचाना मुश्किल हो रहा है। देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है और इसका खुलासा खुद पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने किया है।

आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में गरीबी ने पिछले 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जबकि अमीर और गरीब के बीच आय की असमानता 27 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिलने वाले कर्ज पर सांसें ले रहे इस देश में अब करीब 7 करोड़ लोग गरीबी की दलदल में फंस चुके हैं।

आंकड़ों में तबाही का मंजर

वित्तीय वर्ष 2024-25 में पाकिस्तान की गरीबी दर बढ़कर 28.9% हो गई है, जो महज 5 साल पहले 21.9% थी। बेरोजगारी ने भी 21 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 7.1% का आंकड़ा छू लिया है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी भयावह है, जहां गरीबी 36.2% तक पहुंच गई है। सबसे बुरा हाल हिंसा प्रभावित बलूचिस्तान का है, जहां करीब 47% आबादी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रही है। IMF की कड़ी शर्तों के कारण सरकार को सब्सिडी खत्म करनी पड़ी है, जिससे महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

जनता बेहाल, मरियम नवाज 'शाही' ठाठ में

एक तरफ जहां मुल्क दाने-दाने को मोहताज है, वहीं सत्ता में बैठे हुक्मरानों की विलासिता ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने अपने उपयोग के लिए 380 करोड़ रुपये (भारतीय मुद्रा) का एक आलीशान विमान खरीदा है। यह नया गल्फस्ट्रीम GVII G500 विमान 19 सीटों वाला है, जिसकी कीमत पाकिस्तानी मुद्रा में करीब 1,170 करोड़ रुपये है।

पाकिस्तान पर कितना कर्ज?

पाकिस्तान पर इस वक्त कुल कर्ज उसके जीडीपी के 70% से अधिक हो चुका है। ऐसे में एक मुख्यमंत्री द्वारा करोड़ों का विमान खरीदना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह पाकिस्तान की उस प्रशासनिक विफलता को भी दर्शाता है जहां विदेशी मदद का इस्तेमाल जनकल्याण के बजाय व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं के लिए किया जा रहा है। इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने इसे 'जनता के खून-पसीने की कमाई की डकैती' करार दिया है।

मानवीय संकट भी

पाकिस्तान के लिए यह संकट केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानवीय भी है। जब किसी देश की सरकार बुनियादी ढांचे और रोजगार पर निवेश करने के बजाय शाही विमानों पर पैसा लुटाती है, तो वहां गृह युद्ध और अराजकता की स्थिति पैदा होना तय है।

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