What is ILS system (Source. AI)
What is ILS system: महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार को हुए इस क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अब इस हादसे को लेकर एविएशन एक्सपर्ट्स के बयान सामने आए हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि अगर एयरपोर्ट रनवे पर एक खास तकनीक मौजूद होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
एविएशन एक्सपर्ट और रिटायर्ड पायलट एहसान खालिद के मुताबिक, बारामती एयरपोर्ट के रनवे पर Instrument Landing System (ILS) नहीं है। यही सिस्टम खराब या सीमित विजिबिलिटी में पायलट को सुरक्षित लैंडिंग में मदद करता है।
उन्होंने साफ कहा, “So, it is not the runway. (But) Yes, if the runway was equipped with ILS (instrument landing system) or other instrument systems that would guide the pilot properly during marginal visibility conditions, this (the crash) could have been avoided,” खालिद ने बताया कि रनवे छोटा जरूर है, लेकिन Learjet जैसे विमान के लिए पर्याप्त है और हादसा रनवे के बाहर हुआ, इसलिए रनवे को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
रिपोर्ट्स के अनुसार हादसे के वक्त विजिबिलिटी “मार्जिनल” थी। यानी न तो पूरी तरह साफ और न ही इतनी खराब कि फ्लाइट को डायवर्ट किया जाए। खालिद के शब्दों में, “it was not something which we can call pure visual flight conditions to be like clear skies”.
एविएशन एक्सपर्ट के अनुसार, विमान ने पहले लैंड करने की कोशिश की, लेकिन उसे बीच में ही रोककर “गो-अराउंड” किया गया। “It appears that the aircraft had made an approach to land and thereafter it had gone round,” हालांकि यह साफ नहीं है कि ऐसा खराब विजिबिलिटी, रनवे न दिखने या किसी तकनीकी कारण से हुआ।
हादसे के वक्त विमान उड़ा रहे सुमित कपूर के पास 15,000 घंटे से ज्यादा का उड़ान अनुभव था। खालिद ने उन्हें “gentle soul” बताया और कहा, “I am at a loss to say why it happened, and I would not like to conjecture anything on this,” उन्होंने यह भी कहा कि बिना जांच पूरी हुए किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा।
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इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा है, इसलिए अब Cockpit Voice Recorder (CVR) और Flight Data Recorder (FDR) ही सबसे अहम सबूत होंगे। DGCA ने विमान से जुड़े सभी तकनीकी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं।
एविएशन एक्सपर्ट संजय लाजर ने भी चेतावनी दी, “I just hope they sanitise that area and ensure that nobody tampers with or tries to pick some of the evidence that will be crucial in the AAIB (probe),” उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने और ब्लैक बॉक्स डिकोड होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
फिलहाल Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बिना ठोस सबूतों के किसी नतीजे पर पहुंचना गलत होगा।