बारामती सरकारी कॉलेज (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra By Election Analysis: बारामती विधानसभा के उपचुनाव घोषित होते ही राज्य की राजनीति गर्मा गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को अपील की थी कि बारामती और राहुरी में होने वाले उपचुनाव को सर्वसम्मति से निर्विरोध हों लेकिन एक सरकारी मेडिकल कॉलेज के नामकरण को लेकर उठे विवाद ने इस पहल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर अजित पवार के नाम पर करने के निर्णय से धनगर समाज में नाराजगी बढ़ गई है। समाज के कई संगठनों और नेताओं ने इसे अहिल्यादेवी होलकर की विरासत का अपमान बताते हुए विरोध जताया है।
इस विरोध के चलते निर्विरोध चुनाव की संभावना कमजोर पड़ती नजर आ रही है। इसी बीच भाजपा के भीतर सक्रिय पवार-विरोधी गुट भी मौके का फायदा उठाने की तैयारी में है। धनगर समाज के प्रमुख नेता और जत विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
2019 में वे बारामती से अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं और तब उन्होंने धनगर आरक्षण व समाज के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया था। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पडलकर सीधे चुनाव मैदान में नहीं उतरेंगे क्योंकि वे जत से विधायक हैं लेकिन वे धनगर समाज के किसी स्वतंत्र उम्मीदवार को समर्थन दे सकते हैं।
यदि ऐसा होता है तो यह सुनेत्रा पवार के लिए चुनौती खड़ी कर सकते हैं। बारामती में धनगर मतदाताओं की संख्या लगभग 15 से 20 प्रतिशत बताई जाती है जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि बारामती और राहुरी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव सर्वसम्मति से कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। यदि चुनाव होता है तो भाजपा पूरी ताकत के साथ मुकाबले के लिए तैयार है।
राकांपा (शरद गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी बारामती विधानसभा उपचुनाव में उपमुख्यमंत्री एवं राकांपा नेता सुनेत्रा पवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी। निर्वाचन आयोग ने रविवार को घोषणा की कि पुणे के बारामती और अहिल्यानगर के राहुरी में उपचुनाव 23 अप्रैल को होंगे।
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बारामती और राहुरी उपचुनाव क्रमशः पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और भाजपा के विधायक शिवाजी कर्डिले के निधन के कारण आवश्यक हो गए हैं। राकांपा की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के बारामती से उपचुनाव लड़ने की संभावना है। सुले ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि राकांपा (शप) बारामती उपचुनाव नहीं लड़ेगी। हम सुनेत्रा के खिलाफ अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे।