नरेन्द्र मोदी, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

2-3 महीने में खत्म हो जाएगा... अमेरिका-ईरान जंग के बीच पूर्व RAW चीफ ने दी बड़ी चेतावनी, भारत में बढ़ी टेंशन

US Iran War: पूर्व रॉ चीफ विक्रम सूद ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच भारत के लिए गंभीर आर्थिक संकट की चेतावनी दी है। तेल और उर्वरक की कमी से देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है।

अमन उपाध्याय

US Iran War Impact On India Oil Prices: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों ने अब भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले चार हफ्तों से जारी भीषण संघर्ष पर रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के पूर्व प्रमुख विक्रम सूद ने एक बड़ी और डरावनी चेतावनी जारी की है। सूद का मानना है कि यदि यह संघर्ष इसी तरह जारी रहा तो भारत को न केवल ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा बल्कि देश में महंगाई का एक नया दौर भी शुरू हो सकता है।

2-3 महीने में दिख सकता है असर

एक विशेष बातचीत के दौरान सूद ने स्पष्ट किया कि भारत के लिए असली चुनौती आने वाले दो से तीन महीनों में सामने आएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत के पास तेल और फर्टिलाइजर का स्टॉक सीमित है। उन्होंने कहा कि हमारा अधिकांश एलएनजी कतर से आता है और तेल का बड़ा हिस्सा अरब व मध्य पूर्व के देशों से आता है। यदि युद्ध के कारण यह आपूर्ति रुकती है या ऊंची दरों पर मिलती है तो भारत में महंगाई पर काबू पाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

भारत की रणनीतिक मजबूरी

पूर्व रॉ चीफ ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि भारत अपनी व्यापारिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस रास्ते पर निर्भर है। हालांकि उन्होंने इजरायल को भारत का एक गहरा और महत्वपूर्ण सुरक्षा सहयोगी बताया लेकिन ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत को 'दुर्भाग्यपूर्ण हत्या' करार दिया। सूद के अनुसार, अमेरिका का इस संघर्ष में शामिल होना एक देश के खिलाफ 'अघोषित युद्ध' जैसा है जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों को ताक पर रखकर किया जा रहा है।

इजरायल और अमेरिका की 'बड़ी भूल'

विक्रम सूद का कहना है कि अमेरिका-इजरायल ने शुरू से ही ईरान की ताकत और उसकी स्थिति को समझने में गलती की है। उन्होंने कहा कि ईरान इस दबाव का मजबूती से सामना कर रहा है। भू-राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि यह पूरी योजना ईरान के अस्तित्व को खत्म कर पूरे क्षेत्र की कमान इजरायल को सौंपने की हो सकती है। सूद ने कहा कि भारत का रुख इस मामले में बहुत स्पष्ट है हम होर्मुज के रास्ते पर निर्भर हैं और यह संकट हम पर थोपा गया है।

युद्ध के मैदान से ताजा हालात

युद्ध इस चरम पर पहुंच गया है कि मंगलवार को अमेरिकी हमलों में ईरान के इस्फहान शहर में स्थित एक प्रमुख परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में तेहरान ने दुबई तट के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर हमला किया है। इन हमलों के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता पैदा हो गई है जिसका सीधा असर भारतीय हवाई किराए और सामान्य परिवहन लागत पर पड़ने की आशंका है। सरकार ने पहले ही राज्यों से इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की अपील की है।

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