ईरान के बाद एशिया में एक और जंग की आहट! जापान ने चीन पर तान दी मिसाइलें, बढ़ाएगा सेना की पावर

Japan ने अपनी रक्षा नीति बदलते हुए 1,000 किमी रेंज वाली स्वदेशी टाइप-12 मिसाइलों की पहली खेप तैनात की है। यह कदम चीन की चुनौतियों के बीच जापान की जवाबी हमला करने की क्षमता को मजबूत करेगा।
Japan Long Range Missiles Deploys
जापान ने चीन सीमा पर लंबी दूरी की मिसाइल तैनात की (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Japan Long Range Missiles Deploys: जापान ने अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्वदेशी विकसित लंबी दूरी की मिसाइलों का पहला बैच तैनात कर दिया है। मंगलवार को सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इन मिसाइलों को देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित एक सेना कैंप में तैनात किया गया है।

जापान के इस कदम का उद्देश्य जवाबी हमले की क्षमता को बढ़ाना है। ये अपग्रेडेड टाइप-12 मिसाइलें मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित की गई हैं और अब पहले से कहीं ज्यादा दूरी तक मार करने में सक्षम हैं।

जापान रक्षा नीति में बड़ा बदलाव

जापान के रक्षा मंत्री सिंजीरो कोईजूमी ने कहा कि देश इस समय युद्ध के बाद के दौर की सबसे जटिल सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “यह कदम जापान की प्रतिरोधक और जवाबी कार्रवाई की क्षमता को मजबूत करेगा और देश की रक्षा के प्रति हमारे संकल्प को दर्शाता है।”

चीन तक हमला करने में सक्षम

अपग्रेडेड टाइप-12 मिसाइल की मारक क्षमता करीब 1,000 किलोमीटर है, जो पहले सिर्फ 200 किलोमीटर थी। इस बढ़ी हुई रेंज के कारण अब ये मिसाइलें चीन की मुख्य भूमि तक पहुंच सकती हैं। इस तैनाती से जापान को “स्टैंडऑफ स्ट्राइक” क्षमता मिल गई है, यानी वह दुश्मन के ठिकानों पर दूर से ही हमला कर सकता है। यह जापान की पारंपरिक “केवल आत्मरक्षा” नीति से एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

मिसाइलों की तैनाती से लोग नाराज

हालांकि, मिसाइलों की तैनाती को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी देखने को मिला है। आवासीय क्षेत्रों के पास स्थित सेना कैंप के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा और दुश्मनों द्वारा इस इलाके को निशाना बनाए जाने का खतरा भी बढ़ सकता है।

सैन्य क्षमता बढ़ाएगा जापान

जापान आगे भी अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। वह इस साल के अंत तक अमेरिकी निर्मित लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें अपने युद्धपोतों पर तैनात करने की तैयारी में है। इनमें 1,600 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं, जिन्हें जेएस चोकाई जैसे विध्वंसक जहाजों पर लगाया जाएगा। जापान, खासकर पूर्वी चीन सागर के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दे रहा है और चीन को अपनी सुरक्षा के लिए प्रमुख चुनौती मानता है।

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