

Nagina MP Ghaziabad MP MLA Court: आजाद पार्टी के अध्यक्ष और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद बड़ी मुसीबत में घिरते नजर आ रहे है। सांसद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। साहिबाबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में आजाद पार्टी के अध्यक्ष और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
2018 के मामले में गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने उनकी संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद कथित तौर पर कोर्ट की कार्यवाही में शामिल नहीं हुए और फरार चल रहे थे। पुलिस ने यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 323 और 305 के तहत दर्ज किया गया था।
वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया जाए और CRPC की धारा 82 और 83 के तहत कार्रवाई शुरू की जाए। धारा 82 किसी व्यक्ति को भगोड़ा घोषित करने का प्रावधान करती है, जबकि धारा 83 उनकी संपत्ति को जब्त करने की अनुमति देती है। शिकायतकर्ता की अर्जी और सुनवाई के दौरान चंद्रशेखर की अनुपस्थिति को देखते हुए, कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।
धर्मेंद्र कुमार गाजियाबाद के मसूरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नूरपुर गांव के रहने वाले हैं। उनका आरोप है कि 2018 में, वह साहिबाबाद इलाके के वृंदावन गार्डन में एक शादी समारोह में शामिल हुए थे।
उसी समय नगीना सांसद चंद्रशेखर अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। धर्मेंद्र ने चंद्रशेखर से पूछा कि वह इतने हथियारों के साथ क्यों आए हैं। चंद्रशेखर आजाद ने जवाब दिया, "क्या तुम्हें दिखाई नहीं देता? ये राइफलें हैं।"
धर्मेंद्र का आरोप है कि इसके बाद, चंद्रशेखर ने अपने साथियों गुलजार सिद्दीकी और पंकज जाटव और लगभग 15 अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उन्हें गालियां दीं और उनके साथ मारपीट की। उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। बाद में, केस से पंकज जाटव का नाम हटा दिया गया। फिलहाल इस मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही है।