अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Trump Iran Strait Of Hormuz News: मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध और गहराते वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि यदि ईरान समझौते की मेज पर नहीं आता और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए तुरंत नहीं खोलता है तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे जो उसने कभी सोचे भी नहीं होंगे। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि अमेरिका अब और इंतजार करने के मूड में नहीं है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ‘ट्रूथ सोशल’ पोस्ट में बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन ठिकानों की सूची गिनाई है जिन्हें अमेरिका निशाना बना सकता है। उन्होंने लिखा कि यदि समझौता जल्द नहीं होता है तो अमेरिकी सेना ईरान के सभी बिजली पैदा करने वाले प्लांट, तेल के कुएं और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खर्ग द्वीप को बम से उड़ाकर पूरी तरह तबाह कर देगी।
ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि उनके निशाने पर ईरान के पानी को मीठा बनाने वाले प्लांट भी हो सकते हैं। राष्ट्रपति के अनुसार, इन ठिकानों को अब तक जान-बूझकर ‘हाथ नहीं लगाया’ गया था लेकिन अब धैर्य जवाब दे रहा है।
हैरान कर देने वाली बात यह है कि ट्रंप ने एक ओर जहां तबाही की धमकी दी है वहीं दूसरी ओर ईरान में एक ‘नए और ज़्यादा समझदार’ शासन के साथ गंभीर बातचीत होने का दावा भी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियानों को खत्म करने के लिए बातचीत में काफी प्रगति हुई है और इस बात की पूरी संभावना है कि जल्द ही कोई समझौता हो जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यह प्रगति तभी मायने रखेगी जब ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज‘ व्यापार के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा।
ट्रंप ने अपनी इस धमकी को ऐतिहासिक प्रतिशोध से भी जोड़ा है। उन्होंने कहा कि यह संभावित कार्रवाई उन कई अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों की मौत का बदला होगी, जिन्हें ईरान ने ‘पुराने शासन के 47 साल के आतंक के राज’ के दौरान बेरहमी से मार डाला था। ट्रंप का यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका वर्तमान संकट को केवल तात्कालिक युद्ध के रूप में नहीं बल्कि दशकों पुराने हिसाब को चुकता करने के अवसर के रूप में देख रहा है।
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पिछले एक महीने से जारी इस युद्ध ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाला है बल्कि पूरी दुनिया की चिंताओं को बढ़ा दिया है। सुलह के आसार कम ही नजर आ रहे हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह स्थिति विनाशकारी साबित हो रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से दुनिया भर में तेल की आपूर्ति बाधित हुई है जिससे महंगाई का खतरा बढ़ गया है। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के जवाब और ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या यह कूटनीतिक दबाव काम करेगा या मिडिल ईस्ट एक और बड़े विनाश की ओर बढ़ेगा।