मदद के लिए दिल्ली आने वाला था ईरानी विमान, अमेरिका ने मशाद एयरपोर्ट पर ही उड़ाया

Delhi Aid Flight Hit US Strike Iran: अमेरिका ने ईरान के मशाद एयरपोर्ट पर महान एयर के एक विमान को हवाई हमले में निशाना बनाया है। यह विमान भारत से मानवीय सहायता सामग्री लेने के लिए दिल्ली आने वाला था।
Iranian Plane Was En Route to Delhi for Aid; US Bombs It at Mashhad Airport
सांकेतिक तस्वीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Iran Plane Strike Mashhad Airport: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। ईरानी सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने मशाद एयरपोर्ट पर खड़े महान एयर के एक विमान को हवाई हमले  में उड़ा दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह विमान मानवीय सहायता जुटाने के लिए भारत की राजधानी नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला था।

स्वास्थ्य संकट के बीच मानवीय मिशन

ईरान इस समय जारी युद्ध के कारण अपने स्वास्थ्य सेवा तंत्र पर बढ़ते दबाव और बड़ी संख्या में हताहतों की समस्या से जूझ रहा है। इसी संकट के बीच यह विमान भारत से दवाइयां और अन्य राहत सामग्री लाने के उद्देश्य से दिल्ली जाने वाला था। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में भारत द्वारा भेजी गई सहायता की पहली खेप ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को प्राप्त हुई थी।

बढ़ता क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध एक बहु-आयामी टकराव में बदल चुका है। इस बीच ईरान ने पाकिस्तान जैसे देशों द्वारा प्रस्तावित मध्यस्थता की पहलों को खारिज कर दिया है और इजरायल पर जवाबी मिसाइल हमले जारी रखे हैं। एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में, ईरान ने इजरायल पर ऐसी मिसाइलें भी दागीं जिन पर भारत सहित तेहरान का समर्थन करने वाले देशों के लोगों के लिए धन्यवाद संदेश लिखे थे।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साया

अमेरिका-इजरायल के लगातार तेज होते सैन्य हमलों और Strait of Hormuz में तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में गहरी हलचल पैदा कर दी है। इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से को तेल की सप्लाई होती है ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर रहा है।

इस संकट की घड़ी में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेज उछाल दर्ज किया जा रहा है जिससे कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ने लगा है। वहीं, US और इजरायल द्वारा ईरानी ठिकानों पर बनाए गए सैन्य दबाव ने हालात को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। इन परिस्थितियों के बीच कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं कमजोर होती नजर आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो न केवल ऊर्जा संकट गहराएगा बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

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