US Aid Nepal Flood: नेपाल त्रासदी में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नेपाल पुलिस के अनुसार बुधवार को नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई है।
हिमालयी क्षेत्र में आई इस आपदा के एक हफ्ते बाद भी हजारों लोग लापता हैं और बचावकर्मी उन्हें खोजने की कोशिश में जुटे हैं। बाढ़ में राहत बचाव कार्य के लिए अमेरिका से भी मदद बुधार को नेपाल पहुंची।
नेपाल में आई भयानक बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अमेरिकी मानवीय संस्था 'समैरिटन्स पर्स' (Samaritan’s Purse) की 40 टन से ज्यादा इमरजेंसी राहत सामग्री काठमांडू पहुंची। इस खेप में इतने वॉटर फिल्टर, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और सोलर लाइटें हैं जिनसे जमीनी स्तर पर काम कर रही स्थानीय संस्थाओं के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों के 2600 परिवारों की मदद की जा सकेगी।
भारत भी लगातार नेपाल के लिए राहत सामग्री और सेना के रूप में मदद भेज रहा है। बुधवार को पांचवां भारतीय विमान नेपाल के लिए रवाना हो गया है। इसमें 11 सदस्यों की एक बचाव टीम है, जो खास उपकरणों और 5.5 टन जरूरी दवाओं से लैस है।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में वॉलंटीयर लेपेन शाह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया, कि हम कल ही काठमांडू से यहां आए हैं। सरकार भी बचाव और राहत का काम कर रही है और हम भी अपनी तरफ़ से मदद कर रहे हैं। हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि इस आपदा की वजह क्या है, लेकिन जो हुआ है, उसे लेकर हम बहुत चिंतित हैं।
हम बहुत परेशान हैं और नेपाल में जो हो रहा है, उसे समझ पाना हमारे लिए मुश्किल हो रहा है। यहाँ के लोगों ने बहुत कुछ सहा है और हमें भी बहुत दुख है। हम काठमांडू से इसलिए आए हैं ताकि जितनी हो सके, मदद कर सकें। सरकार अपना काम कर रही है और हम भी अपने तरीके से योगदान देने की कोशिश कर रहे हैं।
नेपाल में बाढ़ में फंसे रासुवा अस्पताल की तस्वीरें भी सामने आई है। यहां सेना हेलीकॉप्टरों की मदद से बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चला रही है। नेपाल में भयानक अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1127 हो गई है। सुरक्षा बलों ने नेपाल के 8 जिलों से और शव बरामद किए हैं।
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के अनुसार, लगभग 4,000 लोग अभी भी लापता है। इनमें 583 विदेशी नागरिक और 83 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
नेपाल के रसुवा जिले के स्याब्रुबेसी के चिलिमे में बाढ़ से प्रभावित हाइड्रोपावर टनल में बचाव अभियान चल रहा है। टनल से बचाव के लिए भारत की टेक्निकल टीम, नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग दोनों जगहों पर काम कर रही है। भारत की टनल रेस्क्यू टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर इस अहम हाइड्रोपावर टनल साइट पर संयुक्त खोज और बचाव अभियान चलाने के लिए साझेदारी की है।