

Former Madras High Court Judge Missing: नेपाल में आई भीषण बाढ़ में भारत से कई लोग अभी भी लापता है। इनमें मद्रास हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता जस्टिस वी. शिवज्ञानम का नाम भी शामिल है।
नेपाल त्रासदी में अब तक 903 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है और मृतकों का आंकड़ा आगे भी बढ़ने की संभावना है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच मद्रास हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता जस्टिस वी. शिवज्ञानम के लापता होने की खबर है।
दिल्ली तमिल एडवोकेट्स एसोसिएशन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए केंद्र सरकार तथा संबंधित एजेंसियों की मदद लेने की अपील की है।
एसोसिएशन के मुताबिक, जस्टिस शिवज्ञानम तमिल तीर्थयात्रियों के एक समूह के साथ नेपाल गए थे और 26 अगस्त की सुबह उन्होंने अपनी पत्नी से व्हाट्सऐप पर बात की थी। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
परिजनों को एक दूसरी बस में सवार बचाए गए यात्रियों से जानकारी मिली कि जस्टिस शिवज्ञानम जिस बस में थे, वह तिमुरे स्थित एपीएफ नेपाल बॉर्डर आउटपोस्ट के पास उनकी बस से करीब 100 से 200 मीटर की दूरी पर थी। इसके बाद से उनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल सकी है।
एसोसिएशन ने सीजेआई सूर्यकांत से केंद्र और नेपाल में संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर उनकी तलाश तेज कराने तथा उनकी सुरक्षा की पुष्टि करने की मांग की है। शिवज्ञानम ने भारतीय न्यायपालिका में करीब 34 वर्षों तक सेवा की है।
नेपाल त्रासदी पर NDRRMA अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है; और शव मिलने का सिलसिला जारी है, जबकि इस आपदा के बाद से लगभग 4,250 लोग अभी भी लापता हैं।
नेपाल के वैज्ञानिकों के अनुसार, नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़, जिसने भोटेकोशी-त्रिशूली कॉरिडोर को अपनी चपेट में ले लिया था, सामान्य बारिश के कारण नहीं, बल्कि ऊंचे हिमालय में बर्फ और चट्टानों के बड़े पैमाने पर खिसकने (एवलांच) के कारण आई थी।