नेपाल के विदेश मंत्री शिषिर खनाल (सोर्स- ANI)
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Nepal Flood: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल का बड़ा बयान- अंतिम समय तक जारी रहेगा रेस्क्यू ऑपरेशन

Nepal Search Operations: नेपाल के विदेश मंत्री शिषिर खनाल ने कहा है कि जब तक जीवन की अंतिम उम्मीद बची है, तब तक देश में सर्च अभियान जारी रहेगा। इस भीषण आपदा में अब तक 12000 लोग बचाए गए हैं।

प्रिया सिंह

Shisir Khanal On Nepal Search Operation: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और मलबे की तबाही के बीच राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल के विदेश मंत्री शिषिर खनाल ने कहा है कि जब तक किसी व्यक्ति के जीवित बचने की आखिरी उम्मीद मौजूद है, तब तक सर्च ऑपरेशन बंद नहीं किया जाएगा। इस आपदा में अब तक करीब 12000 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

12 हजार लोगों का रेस्क्यू, 4 हजार से ज्यादा लापता

विदेश मंत्री शिषिर खनाल के मुताबिक, इस विनाशकारी आपदा में करीब 1200 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। स्थानीय सुरक्षा बलों और राहत एजेंसियों को प्रभावित इलाकों में लगातार खोज अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई इलाकों में सड़कें, पुल और संचार व्यवस्था पूरी तरह तबाह हो गई है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना और लापता लोगों की तलाश करना बेहद मुश्किल हो गया है।

तबाही के बीच अन्य चुनौतियां

विदेश मंत्री ने बताया कि बाढ़ के तेज बहाव ने प्रभावित क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई प्रमुख सड़कें और पुल बह जाने से उत्तरी इलाकों का जमीनी संपर्क टूट गया है।

ऊंचे पहाड़ों और गहरी घाटियों के कारण राहत टीमों के लिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना भी चुनौती बना हुआ है। ऐसे स्थानों पर छोटे हेलीकॉप्टरों के जरिए ही राहतकर्मियों और जरूरी सामान को पहुंचाया जा रहा है।

'हिमालयी सुनामी' जैसा था मंजर

शिषिर खनाल ने इस आपदा को सामान्य बाढ़ से अलग बताते हुए 'हिमालयी सुनामी' जैसा बताया। उनके अनुसार, बाढ़ अपने साथ भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा लेकर आई, जिसने कई क्षेत्रों को पूरी तरह दलदल में बदल दिया।

मलबे का बहाव इतना घना था कि यह तरल सीमेंट जैसा दिखाई दे रहा था। कई जगहों पर 30 से 40 फीट ऊंची इमारतें भी मलबे में दब गईं और पूरी तरह नजरों से ओझल हो गईं।

सुरंगों में भी चल रहा रेस्क्यू

बाढ़ के बाद जलमग्न जलविद्युत संयंत्रों और सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सुरक्षा बलों और विशेषज्ञ टीमों का अभियान जारी है। रसुवा जिले की लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट-2 की सुरंग में फंसे कर्मचारियों की तलाश भी प्राथमिकता पर है।

आपदा में रसुवा में 127 लोगों की मौत हुई है। वहीं चितवन में 355, नवलपरासी पूर्व में 218 और नवलपरासी पश्चिम में 212 शव बरामद किए गए हैं। मलबे और सुरंगों की कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीमें लगातार काम कर रही हैं।

त्रिशूली में बनाई गई अस्थायी जिप लाइन

बाढ़ के तेज बहाव में बड़े पुलों के बह जाने के बाद त्रिशूली क्षेत्र में संपर्क बहाल करने के लिए नेपाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अस्थायी जिप लाइन तैयार की है। इसके जरिए प्रभावित और कटे हुए समुदायों के बीच जरूरी संपर्क बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, पहाड़ी इलाकों में राहत दल घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहे हैं और हेलीकॉप्टरों के जरिए भोजन व जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक किसी के जीवित मिलने की उम्मीद बनी हुई है।

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