

Nepal Floods Disaster Hydropower Tunnel Rescue: नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1252 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 4216 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। कई सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं, जबकि हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों के भी लापता होने की सूचना है। ऐसे में सुरंगों और मलबे के अंदर फंसे लोगों की तलाश बचाव टीमों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
रसुवा जिले में स्थित लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट-2 की बाढ़ प्रभावित सुरंग में नेपाल पुलिस और नेपाली सेना की संयुक्त टीम खोज एवं बचाव अभियान चला रही है। सुरंग के भीतर पानी, मिट्टी और गाद जमा होने के कारण अभियान बेहद मुश्किल परिस्थितियों में जारी है।
लांगटांग परियोजना समेत अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े करीब 900 कर्मचारी अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सुरंगों और मलबे के बीच उनकी तलाश के लिए सुरक्षा बल सावधानी से अभियान चला रहे हैं।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के आंकड़ों के अनुसार, आपदा से देश के कई जिलों में भारी जनहानि हुई है। चितवन में सबसे अधिक 355 शव बरामद किए गए हैं।
इसके बाद पूर्वी नवलपरासी से 218 और पश्चिमी नवलपरासी से 208 शव मिले हैं। नुवाकोट में 177 और रसुवा में 127 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा गोरखा, धादिंग और तनहुन जिलों में भी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
अब तक बरामद शवों में केवल 95 की पहचान हो सकी है। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उनके रिश्तेदारों को सौंपे जा रहे हैं।
लापता लोगों में करीब 583 विदेशी नागरिक और विदेशी पर्यटकों के साथ गए 164 नेपाली गाइड भी शामिल हैं। राहत टीमों ने अब तक लगभग 11993 लोगों को बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित बाहर निकाला है।
आपदा में घायल 5135 लोगों का इलाज किया गया है। इनमें सेना के चिकित्सा दल ने 3206 और सशस्त्र पुलिस बल ने 1628 लोगों को उपचार दिया। वहीं 301 घायल अभी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान में सुरक्षा बलों के 21000 से अधिक जवान लगातार जुटे हुए हैं। प्रभावित नुवाकोट और रसुवा समेत कई क्षेत्रों में हेलीकॉप्टरों और वाहनों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
फिलहाल 3948 लोग विभिन्न होल्डिंग सेंटरों में रह रहे हैं। इनमें नुवाकोट में 2981, रसुवा में 320, धादिंग में 260 और काठमांडू में 387 लोग शामिल हैं। प्रशासन और सुरक्षा बलों का फोकस लापता लोगों की तलाश, घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों तक जरूरी राहत पहुंचाने पर है।