Tibet Earthquake: नेपाल बाढ़ त्रासदी के बीच तिब्बत में भूकंप, 2 घंटे में 2 बार झटकों से कांपी धरती

Recent Tibet Earthquake: नेपाल में आई भीषण बाढ़ की तबाही के बीच तिब्बत में दो घंटे के भीतर दो बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं, हालांकि अभी किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है।
Tibet Earthquake Tremors Depth
तिब्बत में भूकंप(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Tibet Earthquake Tremors Depth: नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बीच पड़ोसी तिब्बत में भी भूकंप के दो झटके महसूस किए गए। गुरुवार को करीब दो घंटे के अंतराल में आए इन दोनों भूकंपों से सीमावर्ती इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। हालांकि, फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

भूकंप के झटके ऐसे समय आए हैं जब नेपाल पहले से ही विनाशकारी बाढ़ और मलबे की मार झेल रहा है। आपदा के कारण हजारों लोग प्रभावित हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। ऐसे में तिब्बत में लगातार दो भूकंपीय गतिविधियों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

तिब्बत में आया 5.0 तीव्रता का पहला भूकंप

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर तिब्बत क्षेत्र में पहला भूकंप महसूस किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.0 दर्ज की गई।

यह भूकंप भारतीय समयानुसार दोपहर 1:46 बजे आया। इसकी गहराई जमीन से करीब 14 किलोमीटर नीचे बताई गई है। भूकंप का केंद्र अक्षांश 31.479 उत्तर और देशांतर 80.370 पूर्व में स्थित था।

तेज झटका महसूस होते ही कई इलाकों में लोग घबरा गए और एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर चले गए। स्थानीय स्तर पर भूकंप के असर का आकलन किया जा रहा है।

दो घंटे बाद फिर कांपी धरती

पहले भूकंप के करीब दो घंटे बाद तिब्बत में एक और झटका महसूस किया गया। NCS के मुताबिक, दूसरे भूकंप की तीव्रता 3.4 रही। यह झटका भारतीय समयानुसार दोपहर 3:42 बजे दर्ज किया गया।

दूसरे भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। इसका केंद्र अक्षांश 31.472 उत्तर और देशांतर 80.356 पूर्व में दर्ज किया गया। लगातार दो भूकंप आने के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सतर्क हो गईं।

फिलहाल बड़े नुकसान की खबर नहीं

दोनों भूकंपीय झटकों के बाद राहत की बात यह है कि अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, तिब्बत और हिमालय से जुड़े क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में लगातार आने वाले झटकों के बाद स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

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नेपाल में पहले से जारी है तबाही

तिब्बत में आए भूकंप के झटकों के बीच नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। भीषण प्राकृतिक आपदा में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

कई प्रभावित इलाकों में भारी मलबा जमा है और राहत टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन दल बचाव अभियान चला रहे हैं। ऐसे में तिब्बत में भूकंप के दो झटकों ने हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

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