इजरायल का लेबनान में हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

लेबनान की 'लाइफलाइन' पर इजरायल की नजर, लिटानी नदी के पुलों को उड़ाने की दी धमकी; बढ़ा तनाव

Israel Lebanon War: इजरायल ने लेबनान के पुलों को नष्ट करने की चेतावनी दी है जिससे दक्षिणी लेबनान के पूरी तरह अलग होने का खतरा पैदा हो गया है। हमलों में अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

अमन उपाध्याय

Israel Threatens Lebanon Bridges: मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच इजरायली सेना ने लेबनान में अपने जमीनी आक्रमण को और अधिक विस्तार देते हुए दक्षिणी लेबनान को देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह काटने की रणनीति अपनाई है। शुक्रवार को इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने लिटानी नदी पर बने महत्वपूर्ण पुलों को नष्ट करने की नई धमकी दी है जिससे क्षेत्र में मानवीय सहायता और लोगों की आवाजाही पूरी तरह ठप होने का खतरा पैदा हो गया है।

पुलों को निशाना बनाने की रणनीति

इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्रई ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि सेना पश्चिमी बेका घाटी में लिटानी नदी पर बने सोहमोर और मशघरा पुलों पर बमबारी करने की योजना बना रही है। वहीं, इजरायल का आरोप है कि इन पुलों का उपयोग हिजबुल्लाह द्वारा किया जा रहा है। विशेषज्ञों और स्थानीय संवाददाताओं के अनुसार, ये पुल इस क्षेत्र की 'मुख्य धमनियां' हैं जिनके बिना दक्षिणी लेबनान के लोगों का अस्पतालों और अन्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंचना लगभग असंभव हो जाएगा। इजरायल मार्च की शुरुआत से अब तक लिटानी नदी पर बने कम से कम छह अन्य पुलों को पहले ही नष्ट कर चुका है।

बुनियादी ढांचे और नागरिकों पर हमला

पुलों के अलावा, इजरायली हवाई हमलों ने लेबनान के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। शुक्रवार को हुई बमबारी में इब्ल अल-सकी और अल-मयसत के प्रमुख जल केंद्रों को निशाना बनाया गया जिससे क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। इसके अलावा, कई स्टेशनों पर सौर ऊर्जा प्रणालियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लेबनान के नागरिक जल प्राधिकरण ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का खुला उल्लंघन बताया है।

मानवीय क्षति और विस्थापन

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक कम से कम 1,345 लोगों की मौत हो चुकी है और 4,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हमले इतने व्यापक हैं कि अब तक 12 लाख से अधिक लोग अपने घरों को छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं। शुक्रवार को ही पश्चिमी बेका के सहमर कस्बे में एक मस्जिद से निकल रहे श्रद्धालुओं पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई।

संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों की सुरक्षा खतरे में

इस भीषण हिंसा की चपेट में संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षक (UNIFIL) भी आ रहे हैं। शुक्रवार को सीमावर्ती गांव अल-अदैसा के पास एक विस्फोट में तीन शांति रक्षक घायल हो गए जिनमें से दो की हालत गंभीर है। UNIFIL ने सभी पक्षों को चेतावनी दी है कि वे शांति रक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उनके ठिकानों के पास सैन्य गतिविधियों से बचें।

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