अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर हलचल तेज, कॉन्सेप्ट फोटो 
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ईरान पर जंग की उल्टी गिनती शुरू! ट्रंप की धमकी के बाद एक्शन मोड में अमेरिका, दुनिया की धड़कनें तेज

Iran US War News: ईरान में बढ़ते तनाव और डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच अमेरिका ने सैन्य हलचल तेज कर दी है। जवाबी कार्रवाई के डर से ईरान ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।

अमन उपाध्याय

US Military Movement Middle East: ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शनों और हिंसा के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद अमेरिकी सेना 'एक्शन मोड' में नजर आ रही है और उनके जहाजी बेड़े में भारी हलचल देखी जा रही है। इसी बीच ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर अलर्ट जारी कर दिया है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।

अमेरिकी सैन्य रणनीति को लेकर वाशिंगटन में भी हलचल तेज है, जहां ट्रंप के कुछ सलाहकार ईरान पर अब तक का सबसे घातक हमला करने की पैरवी कर रहे हैं, जबकि अन्य बड़ी जंग में उलझने से बचने की सलाह दे रहे हैं।

जमीनी हालात और सुरक्षाबलों का क्रैकडाउन

ईरान की सड़कों पर भले ही हिंसक जनसैलाब में कुछ कमी आई हो लेकिन प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षाबलों की कार्रवाई अब भी जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज में सुरक्षाकर्मियों को दुकानों और अस्पतालों के भीतर घुसकर प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाते हुए देखा जा सकता है। यहां तक कि सुनसान सड़कों पर भागते बच्चों पर भी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। मानवाधिकार संगठनों का अनुमान है कि इस संघर्ष में अब तक 2500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है जबकि कुछ आंकड़ों में यह संख्या 12,000 तक होने की आशंका जताई गई है।

ईरान का दावा और अमेरिका की प्रतिक्रिया

ईरान सरकार इन प्रदर्शनों को 'आतंकवाद' करार दे रही है। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का कहना है कि सुरक्षाबल उन आतंकवादी समूहों से लड़ रहे हैं जिन्होंने पुलिसकर्मियों की हत्या की और सिर काटे हैं। ईरान का आरोप है कि विदेशी साजिश के तहत देश में हथियारबंद हमलावर भेजे गए हैं। इस बीच, ईरान ने इरफान सुल्तानी नामक व्यक्ति की फांसी टालने का ऐलान किया है जिसे अमेरिका ने एक 'अच्छी खबर' बताया है। अमेरिका का दावा है कि उसके दबाव के कारण ही ईरान ने हत्याएं और फांसी की सजा फिलहाल रोकी है।

भविष्य की रणनीति और सत्ता परिवर्तन की चर्चा

ईरान में फांसी टलने के बावजूद हमले का खतरा कम नहीं हुआ है। अमेरिका ने कतर में मौजूद अपने सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और भारत ने भी अपने नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है।

ईरान में आर्थिक बदहाली के कारण शुरू हुए इन प्रदर्शनों के बीच पूर्व शाही वंशज रेजा पहलवी का नाम भी चर्चा में है जो एक लोकतांत्रिक ईरान का रोडमैप पेश कर रहे हैं। लेकिन ट्रंप को उनकी क्षमता पर संदेह है। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि अमेरिका हमला करता है, तो वह भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार करने से पीछे नहीं हटेगा।

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