International Yoga Day Celebrations USA: न्यूयॉर्क के हलचल भरे टाइम्स स्क्वायर से लेकर राज्य विधानसभाओं और गवर्नर के कार्यालयों तक, इस साल पूरे अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। भारत से शुरू हुई यह प्राचीन परंपरा अब अमेरिका में महज एक व्यायाम न रहकर एक देशव्यापी स्वास्थ्य कल्याण (वेलनेस) आंदोलन का रूप ले चुकी है।
इस वर्ष का मुख्य विषय (थीम) 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' रखा गया, जिसमें निवारक स्वास्थ्य देखभाल, सक्रिय जीवनशैली और मानसिक शांति पर विशेष जोर दिया गया।
न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध टाइम्स स्क्वायर में आयोजित 'सोल्स्टिस इन टाइम्स स्क्वायर' कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई, जहां दुनिया के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र को एक विशाल आउटडोर योग स्टूडियो में बदल दिया गया। वहीं, वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के नेतृत्व में लिंकन मेमोरियल पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। नेशनल मॉल के पास आयोजित इस सत्र में राजनयिकों, सांसदों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सैकड़ों लोगों ने सामूहिक योग अभ्यास किया।
टेक्सास के शुगर लैंड में आयोजित कार्यक्रम में कॉन्सुल जनरल डी.सी. मंजूनाथ और मेयर कैरल मैककचियन ने ब्रेजोस रिवर पार्क में योग प्रेमियों का उत्साह बढ़ाया। इसी तरह, वेस्ट कोस्ट पर सैन फ्रांसिस्को के ऐतिहासिक गोल्डन गेट ब्रिज के पास क्रिसी मैदान में भी योग सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा लॉस एंजिल्स, सिएटल, शिकागो, अटलांटा और डेट्रॉइट जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ विभिन्न विश्वविद्यालय परिसरों में भी सामुदायिक योग कार्यक्रमों की धूम रही।
योग की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन ने भी इसे बड़े पैमाने पर आधिकारिक समर्थन दिया है। न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट ने सीनेटर शेली मेयर द्वारा प्रायोजित प्रस्ताव 'जे1895' को सर्वसम्मति से पारित किया, जिसमें गवर्नर कैथी होचुल से 21 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर 'योग दिवस' घोषित करने की अपील की गई है। डेलावेयर के गवर्नर मैथ्यू मेयर ने भी अपने प्रांत में इस दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का घोषणापत्र जारी किया है। कैलिफोर्निया के रेडलैंड्स शहर और कई अन्य नगर पालिकाओं ने भी इस वैश्विक पहल की सराहना करते हुए अपना समर्थन व्यक्त किया है।
न्यूयॉर्क के हेम्पस्टेड स्थित वैदिक हेरिटेज हनुमान मंदिर में 'ए लोटस इन द मड' पत्रिका द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में योग के आध्यात्मिक पहलुओं पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में मशहूर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. दत्तात्रेयुडू नोरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां ध्यान, संगीत और नृत्य के माध्यम से आध्यात्मिक विकास पर जोर दिया गया।
आज अमेरिका के करोड़ों लोग नियमित रूप से योग का अभ्यास कर रहे हैं, जो इसे भारत की सबसे मजबूत सांस्कृतिक पहचान के रूप में स्थापित करता है। जो यात्रा 2014 में संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव से शुरू हुई थी, वह आज अमेरिकी समाज के हर वर्ग, पार्क और सरकारी संस्थानों का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।
एजेंसी इनपुट के साथ-