

Donald Trump Cuba Attack: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से अपने बयानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई और बड़ी बहस छेड़ दी है। एक्सियोस को दिए एक खास इंटरव्यू में ट्रंप ने क्यूबा को लेकर बहुत ही सख्त और कड़े सैन्य कदम उठाने के स्पष्ट संकेत पूरी दुनिया को दिए हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या क्यूबा में भी वेनेजुएला की तरह ही कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई हो सकती है, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया कि यह बिल्कुल संभव है। उनके इस "संभव है" वाले एक छोटे से बयान ने ही विश्व भर के बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषकों और कूटनीतिक हलकों में भारी खलबली मचाने का काम कर दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इस अहम इंटरव्यू में वेनेजुएला और क्यूबा के बीच के एक बहुत ही बड़े और मुख्य अंतर को भी सभी के सामने स्पष्ट किया है। ट्रंप के मुताबिक वेनेजुएला के पास तेल का विशाल भंडार मौजूद है, जबकि क्यूबा के पास प्राकृतिक तेल का कोई भी बड़ा भंडार बिल्कुल नहीं है। ट्रंप ने विशेष रूप से यह भी जोर देकर कहा कि क्यूबा के पास बहुत ही खूबसूरत समुद्री तट और बेहतरीन प्रॉपर्टी हैं जो उसे खास बनाते हैं। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनके इस संपत्ति वाले विवादित बयान को लेकर काफी लंबी और तीखी बहस भी अब पूरी तरह से शुरू हो चुकी है।
ट्रंप ने आगे अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि क्यूबा भौगोलिक दृष्टि से अमेरिका के बहुत ही करीब स्थित है जबकि ईरान काफी दूर है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अमेरिका के नजदीक है और क्यूबा तो हमारे बिल्कुल पड़ोस में ही बसा हुआ एक बहुत अहम देश है। उनके इस नजदीकी वाले बयान को कई रक्षा विश्लेषक भविष्य में किसी संभावित बड़ी सैन्य कार्रवाई की ओर एक सीधा और बहुत स्पष्ट इशारा मान रहे हैं।
हाल के कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन और हवाना सरकार के बीच कूटनीतिक तनाव लगातार अपने चरम पर पहुंचता हुआ साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। कई रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन ने क्यूबा की गंभीर स्थिति को लेकर कुछ सख्त सैन्य विकल्पों पर भी बहुत गहराई से विचार किया है। हालांकि कुछ वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि फिलहाल क्यूबा पर किसी भी तत्काल सैन्य हमले की कोई ठोस योजना तैयार नहीं है।
इस अहम इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भी विशेष रूप से और बहुत ही प्रमुखता के साथ जिक्र किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रुबियो आने वाले समय में क्यूबा के इस पूरे संवेदनशील मामले में एक बहुत ही सक्रिय और अहम भूमिका निभाएंगे। ट्रंप ने यह बड़ा दावा भी किया है कि क्यूबा खुद आगे बढ़कर अमेरिका के साथ इस गंभीर मुद्दे पर शांतिपूर्वक बातचीत करना चाहता है।
ट्रंप प्रशासन पहले से ही क्यूबा पर अपना सख्त रुख अपनाता रहा है और हाल ही में हवाना सरकार पर कई कड़े प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। दूसरी ओर क्यूबा की सरकार लगातार यह गंभीर आरोप लगाती रही है कि अमेरिका आर्थिक दबाव डालकर उनके आंतरिक मामलों में भारी दखलंदाजी करना चाहता है। ट्रंप ने हालांकि किसी बड़ी कार्रवाई की कोई समयसीमा नहीं बताई है लेकिन उनके बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि सारे विकल्प खुले हैं।