Michelle Obama's Big Statement On 2028 US President Election: अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा ने अगले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह 2028 में राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल नहीं होंगी। एक कार्यक्रम में अपनी नई किताब के प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में महिला राष्ट्रपति के लिए अभी भी पर्याप्त जगह और स्वीकृति नहीं है। मिशेल का यह बयान कई राजनीतिक पंडितों और उनके समर्थकों के लिए बड़ा झटका है।
अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा ने राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की किसी भी संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने यह बात 15 नवंबर 2025 को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में एक कार्यक्रम के दौरान कही, जहां वह एक्ट्रेस ट्रेसी एलिस रॉस के साथ अपनी नई किताब 'द लुक' के बारे में बात कर रही थीं। यह किताब व्हाइट हाउस में उनके और बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान फैशन और राजनीति के प्रति उनके नजरिए पर केंद्रित है। मिशेल ओबामा को अक्सर अमेरिका के सबसे लोकप्रिय सार्वजनिक व्यक्तित्वों में से एक माना जाता है, इसलिए उनके इस बयान ने सभी का ध्यान खींचा है।
मिशेल ओबामा से जब 2028 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की संभावनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अमेरिका में महिला राष्ट्रपति के लिए पर्याप्त जगह नहीं बनाई गई है। उन्होंने पिछले चुनावों में उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की असफल राष्ट्रपति पद की दावेदारियों का उदाहरण दिया। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा, "जैसा कि हमने पिछले चुनाव में देखा। दुख की बात है कि हम तैयार नहीं हैं। इसलिए मैं कह रही हूँ, 'चुनाव लड़ने के बारे में मेरी तरफ देखना भी मत क्योंकि तुम सब झूठ बोल रहे हो।' मिशेल ओबामा ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा, "तुम एक महिला के लिए तैयार नहीं हो। तुम नहीं हो। इसलिए मेरा समय बर्बाद मत करो।"
पूर्व फर्स्ट लेडी के इस बयान पर दर्शकों ने तालियां बजाईं, लेकिन मिशेल ने आगे की बात कहकर गहन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे को उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें अभी बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, "दुख की बात है कि अभी भी बहुत से पुरुष ऐसे हैं, जिन्हें नहीं लगता कि एक महिला उनका नेतृत्व कर सकती है और हमने यह देखा है।"
मिशेल ओबामा का यह कथन बताता है कि भले ही अमेरिका में महिलाओं ने राजनीति और समाज के कई क्षेत्रों में उच्च पद हासिल किए हैं, लेकिन देश के सर्वोच्च पद (राष्ट्रपति) के लिए एक महिला को स्वीकार करने में अभी भी पुरानी सोच और लैंगिक रूढ़िवादिता एक बड़ी बाधा बनी हुई है। उनके इस स्पष्ट और बेबाक बयान ने अमेरिकी राजनीति में महिला नेतृत्व पर चल रही बहस को फिर से हवा दे दी है।