गंगासागर मेला(फाइल फोटो) सोर्स- सोशल मीडिया
पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेला के लिए खाका तैयार! अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए सरकार ने शुरू की कवायद

West Bengal Gangasagar Mela: पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए सरकार ने व्यापक योजना तैयार की है। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है।

नितिन कुमार राय

Highlights

  • वेस्ट बंगाल में गंगासागर मेला को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी

  • तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने खाका तैयार किया

  • सरकार एकीकृत प्रणाली लागू करके व्यवस्था को मजबूत करेगी

Gangasagar Mela Preparation: पश्चिम बंगाल सरकार ने गंगासागर मेला को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है, जिसमें तीर्थयात्रियों की सुविधा, उनके ठहरने की व्यवस्था और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह मेला हर साल जनवरी महीने में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित किया जाता है। 2027 में भी यह 10 से 17 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा।

योजना के तहत तीर्थयात्रियों के लिए उनकी पूरी यात्रा के दौरान राज्य में प्रवेश करने से लेकर गंगासागर में पवित्र डुबकी लगाने और वापस घर लौटने तक सेवाओं की एक एकीकृत प्रणाली लागू की जाएगी।

एरिया का विस्तार किया जा रहा है

2027 की तीर्थयात्रा से पहले, गंगासागर मेले के परिसर को 12 लाख वर्ग फुट से बढ़ाकर 18 लाख वर्ग फुट किया जा रहा है, यानी इसमें 6 लाख वर्ग फुट की बढ़ोतरी की जा रही है। यह विस्तार भीड़ को बेहतर ढंग से संभालने के लिए किया जा रहा है, क्योंकि राज्य को इस बार रिकॉर्ड संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है। परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने और रात में रुकने की सुविधा देने के लिए अतिरिक्त बस टर्मिनल, हेलीपैड और ठहरने के इंतजाम भी किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय मेला का दर्जा दिलाने की कोशिश

राज्य सरकार इसे 'राष्ट्रीय मेला' का दर्जा दिलाने और केंद्र से आर्थिक मदद पाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, रेलवे और सड़क संपर्क को भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुरीगंगा नदी पर एक पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। इन सभी कदमों का उद्देश्य इस तीर्थस्थल तक पहुंच को आसान बनाना और यहां की क्षमता को बढ़ाना है, जहां पूरे भारत और विदेशों से लाखों पर्यटक, साधु-संत और श्रद्धालु आते हैं।

तकनीक आधारित सेवा की व्यवस्था

श्रद्धालुओं की पूरी यात्रा के दौरान को समस्या नहीं हो इसके लिए तकनीक आधारित व्यवस्था शुरू की जाएगी। कोलकाता से गंगासागर तक के पूरे मार्ग पर एआई आधारित निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे और केंद्रीय निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए लगभग 20 लाख आधुनिक टेंट लगाने का प्रस्ताव है, जहां उन्हें निःशुल्क ठहरने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, कोलकाता से मुफ्त बस सेवा, अतिरिक्त फेरी सेवाएं, विशेष रेलगाड़ियां, बेहतर सामुदायिक रसोई, स्वच्छ पेयजल और अलग-अलग स्नान घाटों की व्यवस्था की जाएगी।

संस्कृति विभाग को पत्र लिखा गया था

पश्चिम बंगाल की सरकार ने जुलाई महीने में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्रालयों को पत्र लिखकर गंगासागर मेले को 'राष्ट्रीय मेले' का दर्जा देने और इसे 'प्रसाद' योजना में शामिल करने का अनुरोध किया था, ताकि इसे भारत के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में से एक के रूप में विकसित किया जा सके। गंगासागर मेला, जो हर साल पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप पर आयोजित होता है, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े जन-समागम के रूप में जाना जाता है।

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