ममता बनर्जी के साथ मीटिंग के लिए मान गए प्रदर्शनकारी डॉक्टर्स (सोर्स:-सोशल मीडिया) 
पश्चिम बंगाल

ममता बनर्जी के साथ मीटिंग के लिए मान गए प्रदर्शनकारी डॉक्टर्स, लेकिन रखी ये शर्त

कोलकाता आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर्स ने सीएम ममता बनर्जी के साथ मीटिंग के प्रस्ताव पर हामी भर दी है, लेकिन डॉक्टर्स ने बातचीत के लिए कुछ शर्तें रखी है।

शुभम पाठक

कोलकाता: कोलकाता आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने की होर में लगे प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टर्स ने अब जाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मीटिंग के लिए अपनी सहमति बना ली है। जूनियर डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री कार्यालय को ईमेल भेजकर बातचीत करने पर सहमति जताते हुए कुछ शर्तों के आधार पर मीटिंग के लिए हामी भरी है।

पीड़िता न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरी जूनियक डॉक्टर्स की टीम ने सीएम ममता बनर्जी से मीटिंग के लिए कुछ प्रमुख शर्तों को अपना आधार बनाते हुए मांग की है कि वो चाहते हैं कि बैठक में 30 प्रतिनिधियों को शामिल होने की अनुमति दी जाए। वो चाहते हैं कि सीएम ममता बनर्जी भी उस बैठक में मौजूद रहें।

जूनियर डॉक्टर्स की शर्तें

ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता मामले में प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर्स की टीम को ममता सरकार से बातचीत करने का प्रस्ताव आया, हलांकि डॉक्टर्स ने इस प्रस्ताव को पहले तो ना कर दिया, लेकिन अब प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर्स ने हामी भरी है। डॉक्टर्स की टीम ने ममता सरकार से मीटिंग के लिए कुछ शर्तें रखी है, जिसके बारे में जानकारी देते हुए प्रेस कांफ्रेंस में प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि हमें पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से एक मेल मिला है। हम चाहते हैं कि बैठक में 30 प्रतिनिधियों को शामिल होने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी डॉक्टर्स ने कहा कि हम चाहते हैं कि सीएम ममता बनर्जी भी उस बैठक में मौजूद रहें। साथ ही इस बैठक की लाइव स्ट्रीमिंग भी की जाए ताकि सभी को पता चल सके कि क्या चर्चा हुई। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ममता सरकार इन शर्तों को मानेगी और यह बैठक कब होगी?

मेल में क्या कहा गया..

सीएम ममता बनर्जी के द्वारा प्रदर्शनकारियों को भेजे गए मेल की बात करें तो मुख्य सचिव मनोज पंत ने डॉक्टरों को बातचीत के बारे में एक मेल भेजा था, जिसमें कहा गया था हम आपके प्रतिनिधिमंडल को, जिसमें अधिमानतः 12-15 सहकर्मी शामिल हों, आज शाम 6 बजे यानी 11।09।2024 को नबान्न में चर्चा के लिए आमंत्रित करते हैं। कृपया अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की सूची ईमेल से भेजें। हम आपकी सकारात्मक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं और एक सार्थक बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी प्रदर्शन जारी

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन के बावजूद डॉक्टरों ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों को मंगलवार शाम 5 बजे तक काम पर लौटने की डेडलाइन दी थी। लेकिन डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा। वहीं बंगाल सरकार ने भी मंगलवार को 10 डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल को मिलने के लिए बुलाया था। छात्रों को एक ईमेल भी भेजा गया था। लेकिन ममता सरकार के इस प्रस्ताव को प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने खारिज कर दिया।

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