छत्तीसगढ़ में शराब के नशे में धुत्त सोर्स-सोशल मीडिया
वायरल

शराब का नशा चढ़ा तो भूल गए वर्दी की गरिमा: अंबिकापुर में बेसुध मिले ASI-आरक्षक; VIDEO वायरल, हुए सस्पेंड

Chhattisgarh Viral: शराब के नशे में धुत्त दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पूरा मामला छत्तीसगढ़ के अंबिकापुक का है। कैदी को जेल में दाखिल कराने के बाद शराब पीने का मामला सामने आया है।

आशीष शुक्ला

Highlights

  • शराब के नशे में धुत्त मिले पुलिसकर्मी

  • सरकारी INSAS राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी मिली

  • वीडियो वायरल होने के बाद दोनों पुलिसकर्मी को किया गया निलंबित

Police Personnel Were Found In A State Of Heavy Intoxication: छत्तीसगढ़ में शराब को लेकर लगातार खबरें आती रहती हैं। कभी कोई शिक्षक शराब पी के स्कूल पहुंच जाता है तो कभी कोई सरकारी बाबू दफ्तर पहुंच कर बवाल काटता है। इस बार शराब ने खांकी को शर्मसार किया है। दो पुलिसकर्मी शराब की लत चढ़ी तो शराब पी कर ओवर लोड हो गए और सड़क पर ही सो गए। पूरा मामला छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर का है।

दुर्ग से अंबिकापुर कैदी को जेल में दाखिल कराने आए एक ASI और आरक्षक प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में कथित तौर पर शराब के नशे में बेसुध मिले। हैरानी की बात यह रही कि उनके पास सरकारी INSAS राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और हथियारों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।

कैदी को छोड़ने आए थे अंबिकापुर

मिली जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को 17 अक्टूबर 2026 को एक कैदी को अंबिकापुर केंद्रीय जेल में दाखिल कराने की ड्यूटी सौंपी गई थी। बताया जा रहा है कि 18 अक्टूबर की शाम करीब 5:40 बजे दोनों अंबिकापुर के नए बस स्टैंड परिसर में बेसुध हालत में मिले।

आरोप है कि कैदी को जेल में दाखिल कराने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों ने शराब पी। इसके बाद वे प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में इस हालत में पाए गए कि उन्हें अपनी सरकारी राइफल की सुरक्षा का भी ध्यान नहीं रहा। हालांकि, शराब सेवन से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जानी चाहिए।

लावारिस पड़ी थी सरकारी INSAS राइफल

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू सरकारी INSAS राइफल का असुरक्षित हालत में पड़ा मिलना है। स्थानीय लोगों ने जब दोनों पुलिसकर्मियों को बेसुध देखा और पास में हथियार पड़ा पाया, तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची बस स्टैंड चौकी पुलिस ने राइफल को अपने कब्जे में ले लिया।

घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति हथियार तक पहुंच जाता, तो गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा हो सकता था। यही वजह है कि इस घटना ने सरकारी हथियारों की सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विभागीय जांच शुरू

वीडियो वायरल होने और मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ASI जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों को रक्षित केंद्र दुर्ग से संबद्ध किया गया है। अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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