

धमतरी में 146 नग हीरे के साथ पकड़ाया आरोपी।
2018 में गरियाबंद के पायलीखंड खदान में की थी चोरी।
कीमत 10 लाख 15 हजार 200 रुपए बताई गई।
ग्राहक की तलाश में घूम रहा था आरोपी।
Diamond Theft in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस ने बहुमूल्य पत्थरों की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 146 हीरे जैसे चमकदार पत्थर बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी इन पत्थरों को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा था। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 10 लाख 15 हजार 200 रुपये बताई गई है। पूछताछ में आरोपी ने वर्ष 2018 में गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से पत्थर चोरी करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों और खनिज संपदा की तस्करी पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत 18 अक्टूबर 2026 को बिरेझर चौकी और साइबर थाना धमतरी की संयुक्त टीम गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि नेशनल हाईवे-30 पर कोड़ापार नहर पुलिया के पास एक व्यक्ति बहुमूल्य पत्थर बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध को पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान विनोद अग्रवाल (64), निवासी केके वार्ड, भाटापारा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से पॉलीथीन में रखे नीले और फिरोजी रंग की झिल्ली में लिपटे 146 सफेद, चमकदार एवं पारदर्शी पत्थर मिले। इनका कुल वजन 16.17 ग्राम और शुद्ध वजन 13.49 ग्राम दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने वर्ष 2018 में पायलीखंड खदान क्षेत्र से इन पत्थरों को चोरी किया था। अब वह इन्हें बेचने की फिराक में था।
पुलिस ने पत्थरों की अनुमानित कीमत 10 लाख 5 हजार रुपये आंकी है। इसके अलावा 8 हजार रुपये का सैमसंग गैलेक्सी एस21 एफई 5जी मोबाइल फोन और 2,200 रुपये नकद भी जब्त किए गए। इस तरह कुल 10 लाख 15 हजार 200 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस ने खान एवं खनिज अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय कुरूद में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अवैध खनन, खनिज चोरी और संदिग्ध खरीद-फरोख्त की सूचना देने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, सूचना देने वालों की पहचान नियमानुसार गोपनीय रखी जाएगी।