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सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास की न्यायिक हिरासत बढ़ी
सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस ने शांतिभंग मामले में दोनों को 5 दिन की रिमांड पर लिया था
कोर्ट ने 2 दिन की रिमांड बढ़ाई है, इसको लेकर पार्टी की प्रवक्ता और कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह ने कोर्ट के फैसले को बेतुका करार दिया है
Ashutosh Ranka And Saurabh Das 10: अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में हुए सीजेपी के प्रोटेस्ट में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास की हिरासत से जुड़े मामले में सोमवार को अदालत में सुनवाई हुई। दिल्ली पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत पांच दिन और बढ़ाने की मांग की। पुलिस का कहना है कि रिहा होने के बाद दोनों दोबारा प्रदर्शन कर सकते हैं, जिससे शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। इसी बीच कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेता और सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिनों के लिए बढ़ा दी गई है।
सीजेपी के सह-सयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, दोनों ने सुरक्षा घेरा पार कर जंतर-मंतर में प्रवेश किया था। गौरतलब है कि सीजेपी 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की थी। इसी मामले से शांतिभंग के आरोप में पुलिस ने इन दोनों लोगों को गिरफ्तार किया था।पुलिस ने आरोप लगाया कि दोनों ने पहले शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण से जुड़े बॉन्ड भरे थे, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन का आह्वान किया। इसके बाद दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दोनों नेताओं की रिहाई के बाद दोबारा प्रदर्शन होने की आशंका है। इसी आधार पर पुलिस ने उनकी हिरासत पांच दिन और बढ़ाने की मांग की। दूसरी तरफ, सीजेपी की ओर से दोनों की रिहाई की मांग की जा रही है। पार्टी की प्रवक्ता और कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह ने पुलिस पर जमानत प्रक्रिया में देरी करने का आरोप भी लगाया है। इसको लेकर सीजेपी की कानूनी सलाहकार रत्ना सिंह ने ट्विटर पर लिखा है कि मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी में इससे ज़्यादा बेतुकी चीज़ कभी नहीं देखी।