Shankaracharya Cow Protection Speech News In Hindi: नोएडा में 16 जून 2026 को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती का भव्य स्वागत हुआ। 'गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' यात्रा के दौरान जुटे लोगों ने "अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ" मंत्र का जाप कर गोरक्षा का संकल्प लिया। महाराजश्री ने यहां लोगों को सीधे और सरल शब्दों में गाय का महत्व समझाया और युवाओं को गाय के दूध का महत्व समझाते हुए ललकारा।
शंकराचार्य जी ने आज के 'स्मार्ट' लाइफस्टाइल पर तंज कसते हुए कहा कि आज लोगों के फोन, कार और घर तो स्मार्ट हो रहे हैं, लेकिन इंसान खुद कमजोर होता जा रहा है। लोग पैकेट का बासी दूध पी रहे हैं और गैजेट्स में डूबे हैं। फोन तो हर साल अपडेट हो रहा है, लेकिन उसका मालिक हर साल मंदबुद्धि हो रहा है। इसके लिए सावधान होने की जरुरत है। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि सिर्फ 40 दिन लगातार शुद्ध देसी गाय का दूध पीकर देखो। 41वें दिन आपकी बुद्धि खुल जाएगी और जो बातें पहले समझ नहीं आती थीं, वे भी आसानी से समझ आने लगेंगी। शरीर में एक नई ऊर्जा और स्फूर्ति जागेगी। देसी गाय का दूध ही आपका असली अपडेट है।
शास्त्रों का हवाला देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि एक गाय की हत्या में आठ लोग दोषी होते हैं। इसमें काटने और मांस बेचने वाले से भी पहले नंबर पर 'अनुमन्ता' यानी अनुमति देने वाला आता है। उन्होंने समझाया कि एक गाय की हत्या पर एक करोड़ साल का नरक मिलता है, जिसे आठ लोगों में बांटने पर हर एक के हिस्से में 12 लाख साल का नरक आता है। जनता अपने वोट से ऐसी सरकार चुनती है जो बूचड़खानों को लाइसेंस देती है, इसलिए पहला पाप वोटर को लगता है।
उन्होंने मतदाताओं से 'यदु' बनने की अपील की। जैसे यदु ने अपने पिता ययाति को अपनी जवानी देने से पहले पूछा था कि इसका उपयोग क्या होगा, वैसे ही वोटर को भी नेता से पूछना चाहिए कि 'मेरे वोट का क्या करोगे?' अगर नेता कहे कि वह गाय को सिर्फ पशु मानेगा, तो उसे साफ मना कर दो। उन्होंने सुझाव दिया कि नेताओं से लिखित में शर्त मनवाओ कि उनके किसी भी गलत काम के पाप में वोटर भागीदार नहीं होगा, तब जाकर वोट दो।
शंकराचार्य ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के बाद किसी भी सरकार ने पुराने गोरक्षा कानून को नहीं हटाया था, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार ने यह कर दिया। कश्मीर से धारा 370 हटने के साथ ही वहां का पुराना डोगरा राजाओं का कानून 'रणबीर दंड संहिता' भी खत्म हो गया, जिसमें गौहत्या पर सख्त पाबंदी थी। अब वहां गाय काटना आसान हो गया है।
राजनीतिक गणित समझाते हुए शंकराचार्य जी ने कहा कि भाजपा-RSS और उनके सहयोगियों को मिलाकर कुल 15 करोड़ लोग हैं। जबकि देश में 97 करोड़ हिंदुओं में से बचे हुए 82 करोड़ सनातनी हिंदू हैं, जिनका कोई राजनीतिक आका नहीं है। उन्होंने कहा कि आरएसएस के 100 साल के इतिहास में कभी कोई शंकराचार्य उनसे नहीं जुड़ा क्योंकि विचारों में मतभेद है। जब ये 82 करोड़ सनातनी जागेंगे, तो देश का पूरा चुनावी गणित बदल जाएगा।
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शंकराचार्य जी ने बताया कि 3 मई 2026 को गोरखपुर से शुरू हुई यह गोप्रतिष्ठा यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं का दौरा कर रही है। अगर 81 दिनों की इस यात्रा के पूरा होने तक सरकार ने गोरक्षा पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो 24 जुलाई 2026 को लखनऊ के कांशीराम स्मृति मैदान में 2,18,700 धर्म सैनिकों की एक 'अक्षौहिणी सेना' के साथ आंदोलन के अगले चरण का ऐलान किया जाएगा। इस धरती पर वीरों को आगे आना ही होगा।