'मुझे गुमराह कर शंकराचार्य पर दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे', आशुतोष ब्रह्मचारी के कबूलनामे से फिर उछला मामला

Swami Avimukteshwaranand Case: नाबालिग बटुकों के यौन उत्पीड़न मामलें में आशुतोष ब्रह्मचारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर एक कबूलनामा में दावा किया है कि कई अधिकारी भी इस साजिश में शामिल है।
'False cases against Shankaracharya were filed by misleading Ashutosh Brahmachari's confession
शंकराचार्य-आशुतोष-ब्रह्मचारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ashutosh Brahmachari Statement: स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर नाबालिग बटुकों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। लेकिन अब सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह अपने बयान से पलट रहे है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उन्हें गुमराह किया गया इसलिए बहकावे में आकर उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था।

मथुरा के एसएसपी को सौंपा शिकायत पत्र

आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक वीडियो जारी कर अपने ही गुरुभाई रामचंद्र दास पर गुरु की हत्या करवाने का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज मैं सार्वजनिक रूप से कुछ ऐसी बातें कहना चाहता हूं, जिसे लंबे समय से दबाया जा रहा था। मथुरा में श्रवण समाज से जुड़ा आश्रम श्री देहो बाबा जी से संबंधित कई गंभीर घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि कुकर्मी, ढोंगी, फ्रॉडी रामचंद्र दास, जो कभी मेरे गुरु भाई रहे हैं उनके कारण ही गुरुजी के खिलाफ षड्यंत्र रचा गया। गुरुजी के प्रति मेरा सम्मान पहले भी था, आज भी है और हमेशा रहेगा। लेकिन गुरुजी की जो हत्या कराने का षड़यंत्र रचा गया उनकी सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ जो फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए उसके लिए मुझे गुमराह किया गया। रामचंद्र ने ही मेरे उपर ऐसा करने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं इस मामलें में कई अधिकारी भी शामिल हैं। जिसे लेकर मैंने मथुरा के एसएसपी को एक शिकायत पत्र भी भेजा है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि पोत्रा कुंड स्थित आश्रम और उससे जुड़े मामलों में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कब्जा करने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो मैं न्यायालय का दरवाजा खटखटाऊंगा। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि मैं सत्य की लड़ाई लड़ूंगा, चाहे सामने कोई भी हो। मेरे पास सबूत के तौर पर सारे रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। जो पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकते हैं। अपने पास मौजूद साक्ष्यों को उचित मंच पर ही दिखाउंगा। मेरा उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि सबके सामने सच्चाई लाना है।

कौन हैं रामचंद्र दास

रामचंद्र दास का मूल नाम जय मिश्रा है। वे प्रसिद्ध संत जगद्गुरु रामभद्राचार्य के आधिकारिक उत्तराधिकारी हैं व तुलसी पीठाधीश्वर के पद पर आसीन हैं। वे उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के निवासी है। हाल ही में वे आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा लगाए गए अलग-अलग आरोपों पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि उनके और उनके शिष्य की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

बता दें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष ब्रह्मचारी का पूरा मामला प्रयागराज के माघ मेले और महाकुंभ से जुड़ा है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि माघ मेला 2026 और महाकुंभ 2025 के दौरान मठ में रहने वाले नाबालिग बटुकों का यौन उत्पीड़न किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज की विशेष पोक्सो कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत के आदेश पर झूंसी थाना पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की थी।

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