Meerut Snake Bite Murder Conspiracy: कहते हैं जोड़ियां ऊपर वाला बनाकर भेजता है, लेकिन आज के इस कलयुग में अवैध संबंधों के चलते सात जन्मों तक जीने मरने की कसम खाने वाली पत्नियां पहले ही जन्म में अपने पति को मरवा रही हैं। मेरठ में कोई एक दो नहीं बल्कि पूरे 6 मामले ऐसे निकल कर आए है, जिसमें अवैध संबंधों के चलते पत्नियों ने अपने पति की हत्या करवा दी। लेकिन कुदरत का करिश्मा देखिए इन सभी मामलों में इन हत्यारी पत्नियों ने कोई ना कोई सुराग छोड़ दिया। जिसके चलते आज सभी जेल में बंद है।
ऐसा ही एक चर्चित सांप कांड मामले में अदालत ने एक हत्यारिन पत्नी और उसके प्रेमी को दोषी करार दिया है। बता दें कि करीब 17 महीने चली सुनवाई के बाद अपर जिला जज (एडीजे) की कोर्ट में यह साबित हो गया कि पति को नाजायज संबंधों की भनक लगने के चलते रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर खौफनाक साजिश रची और पति अमित को बेरहमी से गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया गया।
फिर इसे एक सामान्य मौत का रूप देने के इरादे से आरोपी ने शव के नीचे एक सांप छोड़ दिया गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को गिल्टी होल्ड करने के बाद सजा सुनाने के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है। अदालत के बुधवार के फैसले के बाद अब कानूनी जानकारों का कहना है कि दोनों को फांसी या उम्रकैद में से कोई भी सजा हो सकती है।
दरअसल, करीब 17 महीने पहले मेरठ के बहसूमा थानाक्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में अमित नामक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।13 अप्रैल 2025 की सुबह अमित का शव उसके बिस्तर पर संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। शव के नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। शरीर पर सांप के डंसने के 10 निशान भी मिले थे। उस समय पत्नी रविता ने दावा किया था कि अमित की मौत सांप के डंसने से हुई है।
लेकिन इसी गांव में एक सपेरा रहता था। जिसने सांप को पकड़ा तो पाया कि सांप के अंदर तो जहर ही नहीं है। बस फिर क्या था मृतक के परिजनों ने रविता पर अमित की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को फोन किया। जिसके बाद अमित का पोस्टमार्टम हुआ। इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घटना बताई गई। इस मामले में पुलिस ने रविता के मोबाइल कॉल डिटेल चेक करवाए तो सच्चाई खुद ब खुद सामने आ गई। जिसके बाद अमित की मौत के पीछे एक खतरनाक और खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ।
करीब एक साल तक अदालत में चली इस सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से 12 लोगों ने गवाही दी। अमित का भाई मोनू और मां मुनेश मुख्य गवाह बने। जबकि अन्य लोगों ने भी इस मामले में अपनी-अपनी गवाही देकर हत्यारोपियों के अपनी बात अदालत के सामने रखी। उन्होंने अदालत में कहा कि अमरदीप को हत्या की रात घर में प्रवेश करते देखा था।
बता दें कि अमित कश्यप हत्याकांड में हत्यारोपी अमरदीप रविता के पति के साथ टाइल्स लगाने का काम करता था। जिसके चलते अमरदीप का रविता के घर आना जाना था। पहले दोनों में बातें शुरू हुई और कुछ समय बाद बातें प्यार में बदल गई। दोनों एक दूसरे से फोन पर बात करते और चोरी छुपे मिलते भी थे। नजदीकी बढ़ी तो दोनों के अवैध संबंध हो गए। इस बात का पता अमित को चला तो उसने अमरदीप का घर पर आना-जाना बंद कर दिया और उसे दूरी बना ली इसी बात से नाराज रविता और अमरदीप ने अमित को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। पहले दोनों ने अमित की हत्या की। जिसके बाद उसके पलंग पर सांप छोड़ दिया। ताकि लोगों को लगे की सांप के काटने से अमित की मौत हुई है। वहीं, इस मामले में अदालत ने उसकी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को दोषी करार दिया है।