श्रीकृष्ण जन्मस्थान में सोने-चांदी की बिना काटे-तोड़े होगी जांच
रिपोर्ट की एक कॉपी दानदाता को और दूसरी मंदिर के रिकॉर्ड में रखी जाएगी
पूरी प्रक्रिया CCTV कैमरों की निगरानी में संपन्न होगी
Mathura Shri Krishna Donation Purity Test: धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे और दान की व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर उठते सवालों के बीच मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने एक नई पहल की है। अब ठाकुरजी के श्रीचरणों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले सोने, चांदी सहित अन्य धातुओं की शुद्धता की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाएगी।
इसके लिए संस्थान ने अत्याधुनिक कंप्यूटरीकृत धातु परीक्षण मशीन की व्यवस्था शुरू की है। इस तकनीक की खासियत यह है कि धातु को काटे या तोड़े बिना ही उसकी वास्तविक शुद्धता और उसमें मिली अन्य धातुओं की मात्रा का पता लगाया जा सकेगा। संस्थान की इस पहल को दान व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण के लिए मिले चंदे और दान की धनराशि को लेकर पहले चोरी और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। इसके बाद धार्मिक संस्थानों में दान की पारदर्शिता को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे माहौल में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की ओर से दान में मिलने वाली धातुओं की वैज्ञानिक जांच की व्यवस्था शुरू करना विशेष महत्व रखता है।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में अत्याधुनिक धातु परीक्षण मशीन का शुभारंभ संस्थान के ट्रस्टी श्यामसुंदर चौधरी, सचिव कपिल शर्मा और गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान बताया गया कि अब श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को अर्पित किए जाने वाले सोने-चांदी के आभूषणों और अन्य धातुओं की जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी। मशीन के माध्यम से धातु में मौजूद वास्तविक तत्वों और उनकी मात्रा की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत दानदाता के सामने ही उसके द्वारा अर्पित की गई धातु का परीक्षण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद कंप्यूटरीकृत रिपोर्ट तैयार होगी। रिपोर्ट की एक प्रति दानदाता को उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि दूसरी प्रति संस्थान के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखी जाएगी। इससे दानदाता को भी यह संतुष्टि रहेगी कि उसने भगवान को जो धातु अर्पित की है, उसकी वास्तविक गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण किया गया है।
उन्होंने बताया कि केवल व्यक्तिगत रूप से प्राप्त दान ही नहीं, बल्कि मंदिर की हुंडियों और दान पेटियों से प्राप्त होने वाली धातुओं का परीक्षण भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न कराई जाएगी, जिससे धातुओं की प्राप्ति से लेकर उनकी जांच और रिकॉर्ड में दर्ज करने तक की व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
इस पहल से बाजार से खरीदकर भगवान को अर्पित किए जाने वाले सोने-चांदी की शुद्धता के बारे में भी स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, दान में प्राप्त धातुओं का वैज्ञानिक रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे भविष्य में उनकी गुणवत्ता और मात्रा से संबंधित जानकारी सुरक्षित रखी जा सकेगी।