श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रकरण में मथुरा की अदालत में एक और वाद दाखिल, 25 नवम्बर को सुनवाई

Hearing in Mathura's Shahi Idgah Mosque case will be held on April 1
शाही ईदगाह मस्जिद (File Photo)
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मथुरा. उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद की दो अलग-अलग अदालतों में श्रीकृष्ण जन्मस्थान एवं शाही ईदगाह मामले में चल रहे प्रकरणों में एक और नया मामला जुड़ गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए अधिवक्ता दीपक देवकीनन्दन शर्मा ने बताया कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ज्योति की अदालत में बुधवार को एक अन्य कृष्णभक्त गोपाल गिरि ने अपने पैरोकार के माध्यम से प्रार्थना पत्र पेश कर जन्मस्थान एवं ईदगाह के मध्य हुए समझौते को डिक्री को चुनौती देते हुए उसे खारिज करने का अनुरोध किया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।

इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 25 नवम्बर की तिथि तय की गई है। उल्लेखनीय है कि इस दावे में भी चेयरमैन, यूपी सुन्नी सेण्ट्रल वक्फ बोर्ड, सेक्रेटरी शाही ईदगाह इंतजामिया कमेटी, श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति, श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को विपक्षी बनाया गया है। अदालत इस मामले में अब 25 नवम्बर को आगे सुनवाई होगी।

इस दौरान वादी गोपाल गिरि के अन्य सलाहकार अधिवक्तागण देवकी नंदन शर्मा और रमाशंकर भारद्वाज भी अदालत में उपस्थित रहे। दूसरी ओर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति समिति की ओर से न्यायालय में दावा पेश करने वाले संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थल पर सदियों से आक्रमण होते रहे हैं।

जिनकी निशानी के रूप में अनेक पुरातात्विक साक्ष्य मौजूद हैं तथा शाही ईदगाह तो वर्तमान में भी प्रत्यक्ष प्रमाण के रूप में मौजूद है। भगवान श्रीकृष्ण के अनुयायी अपने आराध्य देव के जन्मस्थान को मुक्त करवाने की कामना कर रहे हैं।

अदालत में जन्मस्थान दस्तक दे दी गई है। लेकिन जब तक समाज में जागरूकता का अभाव रहेगा, श्रीकृष्ण जन्मस्थान को मुक्त करवा पाना मुमकिन नहीं होगा। इसलिए बुधवार को कटरा केशवदेव पर दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें समिति के अन्य पदाधिकारी स्वामी डा. आदित्यानंद, गिर्राज सिंह सिसोदिया, जितेंद्र सिंह, ब्रजबिहारी गौतम, राजेंद्र माहेश्वरी एडवोकेट, आरबी चौधरी, दिनेश शर्मा समेत अनेक लोग मौजूद रहे। (एजेंसी)