नितिन नवीन और सीएम योगी  (सोर्स- नवभारत लाइव)
गोरखपुर

Gorakhpur: नितिन नवीन और सीएम योगी की अगुवाई में निकली पदयात्रा, 2027 चुनाव से पहले दिया एकजुटता का संदेश

Gorakhpur BJP Padyatra: गोरखपुर में भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा नितिन नवीन और सीएम योगी की अगुवाई में निकली। जयंत चौधरी और संजय निषाद समेत NDA के सहयोगी दलों के नेता शामिल हुए।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Highlights:

  • महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू सरदार वल्लभभाई पटेल प्रतिमा तक निकली

    पदयात्रा

  • पंकज चौधरी, जयंत चौधरी और संजय निषाद समेत NDA के दिग्गजों ने दिखाई एकजुटता

  • पूर्वांचल में सहयोगी दलों को साथ लाने की कवायद

Nitin Nabin Yogi Adityanath Lead BJP Padyatra: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में बुधवार को भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा के जरिए एनडीए ने अपनी राजनीतिक एकजुटता का प्रदर्शन किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अगुवाई में निकली इस पदयात्रा में भाजपा के साथ गठबंधन के सहयोगी दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

पूरे आयोजन में गोरखपुर की सड़कें एनडीए के घटक दलों के अलग-अलग रंगों और झंडों से सराबोर नजर आईं। भाजपा के झंडों के साथ रालोद, निषाद पार्टी और सुभासपा के झंडों ने गठबंधन की साझा राजनीतिक तस्वीर पेश की।

'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ'

महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से शुरू हुई पदयात्रा गोलघर की सड़कों से होते हुए गोलघर काली मंदिर पहुंची। यहां से यात्रा आगे बढ़ते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई। पूरे मार्ग पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उत्साह दिखाई दिया। जगह-जगह पार्टी के झंडे, बैनर और स्वागत की तैयारियां की गई थीं। 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' के नारों से शहर की सड़कें गूंजती रहीं।

डॉ. संजय निषाद और अरविंद राजभर भी शामिल

पदयात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी, प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद तथा सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर शामिल हुए। अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रमुख चेहरों की एक साथ मौजूदगी ने इस आयोजन को एनडीए के साझा शक्ति प्रदर्शन का रूप दिया।

सहयोगी दलों को साथ लाने की सियासी कवायद

राजनीतिक दृष्टि से इस पदयात्रा को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए की एकजुटता प्रदर्शित करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा ने इस आयोजन के जरिए केवल अपने संगठन की ताकत नहीं दिखाई, बल्कि सहयोगी दलों को भी एक साझा मंच और राजनीतिक पहचान देने का संदेश दिया। जयंत चौधरी, संजय निषाद और अरविंद राजभर की मौजूदगी पूर्वांचल के अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण रही।

'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ'

गोरखपुर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक केंद्र माना जाता है। ऐसे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी और सहयोगी दलों के प्रमुख नेताओं की सहभागिता ने इस आयोजन का राजनीतिक महत्व बढ़ा दिया। इसका एक संदेश कार्यकर्ताओं तक संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने का भी रहा।

योगी सरकार के कार्यकाल पर जनता ने जताया भरोसा

पदयात्रा के दौरान आम लोगों की भागीदारी भी चर्चा का विषय रही। कुछ लोगों ने प्रदेश सरकार के कार्यकाल, विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था को लेकर संतोष जताया। लोगों ने कहा कि 2027 में एक बार फिर भाजपा की सरकार बननी चाहिए। हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं कार्यक्रम के दौरान मिले लोगों की थीं, पूरे प्रदेश के जनमत का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।

कुल मिलाकर महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से गोलघर और काली मंदिर होते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंची इस पदयात्रा ने गोरखपुर की सड़कों पर एनडीए की साझा राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराई। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के लिए यह आयोजन गठबंधन के सहयोगियों को साथ लेकर चलने और पूर्वांचल में अपनी राजनीतिक सक्रियता दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।

रिपोर्ट : अनुराग मिश्रा

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