रूबी आसिफ (सोर्स-नवभारत लाइव)
उत्तर प्रदेश

अलीगढ़ की मुस्लिम महिला रूबी आसिफ खान ने रखा करवाचौथ का व्रत, छलनी से देखा शौहर का चेहरा

Karwa Chauth 2026: अलीगढ़ की मुस्लिम महिला रूबी आसिफ खान ने नौवीं बार पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखा। पूजा-अर्चना और चंद्रदर्शन के बाद शौहर का चेहरा छलनी से देखकर व्रत खोला।

प्रदीप कुमार रावत, स्निग्धा श्रीवास्तव

Highlights:

  • नौ साल से निभा रहीं करवा चौथ की परंपरा

  • मुस्लिम महिला रूबी आसिफ खान ने छलनी से किया शौहर का दीदार

  • अलीगढ़ के मामूद नगर में दिखी आस्था और परंपरा की अनूठी तस्वीर

  • ईद के साथ दिवाली-होली और गणेशोत्सव भी मनाती हैं रूबी आसिफ खान

Aligarh Karwa Chauth 2026: धर्म और मजहब की दीवारों से ऊपर उठकर जब आस्था और पारिवारिक परंपराएं एक साथ नजर आती हैं तो सामाजिक सौहार्द की खूबसूरत तस्वीर सामने आती है। अलीगढ़ में मुस्लिम महिला रूबी आसिफ खान ने करवा चौथ का व्रत रखकर एक बार फिर चर्चा बटोरी है।

उन्होंने अपने शौहर की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ पूरे विधि-विधान से करवा चौथ की पूजा-अर्चना की। रात में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद छलनी से अपने पति का चेहरा देखा और उनके हाथों से व्रत का पारण किया।

रूबी आसिफ खान ने मनाया करवा चौथ का त्योहार

अलीगढ़ के थाना रोरावर क्षेत्र के शाह जमाल स्थित मामूद नगर में रूबी आसिफ खान ने करवा चौथ का त्योहार मनाया। दिनभर व्रत रखने के बाद उन्होंने परंपरागत तरीके से पूजा की और चांद निकलने का इंतजार किया। चंद्र दर्शन के बाद छलनी से शौहर का चेहरा देखकर उनकी लंबी उम्र की दुआ मांगी। इस दौरान परिवार में भी त्योहार को लेकर उत्साह का माहौल रहा।

रूबी आसिफ खान के लिए करवा चौथ मनाना कोई नई बात नहीं है। वह पिछले करीब नौ वर्षों से पति की दीर्घायु के लिए यह व्रत रखती आ रही हैं। खास बात यह है कि रूबी केवल करवा चौथ ही नहीं, बल्कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के त्योहारों को उत्साह के साथ मनाती हैं। ईद, दिवाली और होली के साथ गणेश चतुर्थी और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी उनकी भागीदारी रहती है।

भगवान श्रीगणेश की भी करती हैं पूजा-अर्चना

रूबी आसिफ खान हर साल अपने घर में भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित कर नौ दिनों तक पूजा-अर्चना भी करती हैं। इसके बाद दसवें दिन बुलंदशहर के नरौरा में प्रतिमा का विसर्जन करती हैं। उनकी इस धार्मिक परंपरा को लेकर पूर्व में भी चर्चाएं हो चुकी हैं।

रूबी का मानना है कि भारत की संस्कृति सभी धर्मों का सम्मान करने और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की सीख देती है। धर्म के आधार पर किसी के प्रति भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी को एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।

अलीगढ़ में रूबी आसिफ खान का करवा चौथ मनाना इसी सामाजिक संदेश को सामने लाता है कि त्योहार केवल धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं होते, बल्कि परिवार, प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान की भावना से भी जुड़े होते हैं।

Kal Ka Mausam: अक्टूबर के आखिरी दिन बदलेगा मौसम का मिजाज, कई राज्यों में बारिश की चेतावनी

बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, बेंगलुरु के 5 यात्रियों की भी मौत

सुप्रीम कोर्ट में बड़े वकीलों की मोनोपोली पर बहस, कौन हैं भारत के 10 सबसे महंगे वकील? देखें लिस्ट

समालखा के 79वें निरंकारी संत समागम: माता सुदीक्षा का संदेश लेकर लौटे नागपुर के श्रद्धालु

मैं CM फडणवीस और उद्धव ठाकरे को हमेशा के लिए साथ ला सकता हूं, रामदास आठवले का बड़ा दावा