वाराणसी में गणेश चतुर्थी पर महायज्ञ: शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद के सानिध्य में विश्व कल्याण के लिए अनुष्ठान

Varanasi Ganesh Chaturthi: वाराणसी के आदि शंकराचार्य महासंस्थानम में सहस्त्र चंडी महायज्ञ और सप्त ऋषि पूजन का आयोजन हुआ। शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती के सानिध्य में लोककल्याण की प्रार्थना की।
Sahastra Chandi Maha Yagna Varanasi
वाराणसी के पंचकोश आश्रम में सहस्त्र चंडी महायज्ञ करते पंडितसोर्स: सोशल मीडिया
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Sahastra Chandi Maha Yagna Varanasi: गणेश चतुर्थी पर सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे पुराने नगर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी धूम मची हुई है। यहां पंचकोशी मार्ग स्थित आदि शंकराचार्य महासंस्थानम पंचकोश आश्रम में सहस्त्र चंडी महायज्ञ के साथ गणेश चतुर्थी पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में भगवान श्री गणेश का विधिवत पूजन-वंदन तथा सप्त ऋषियों का भव्य पूजन, आवाहन एवं हवन वैदिक मंत्रोच्चार और शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न हुआ।

संपूर्ण विश्व के मंगल की भावना

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता और मंगल के अधिष्ठाता हैं, जबकि सप्त ऋषि भारतीय वैदिक ज्ञान, तपस्या और आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक हैं। गणेश पूजन और सप्त ऋषि पूजन-हवन मानव जीवन में धर्म, ज्ञान, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज, राष्ट्र और संपूर्ण विश्व के मंगल की भावना को मजबूत करना भी है।

Sahastra Chandi Maha Yagna Varanasi
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सप्त ऋषियों का विशेष पूजन

महायज्ञ के यज्ञाचार्य आचार्य तेजमणि त्रिपाठी के निर्देशन में विद्वान आचार्यों एवं ब्राह्मणों ने दोनों अनुष्ठानों को वैदिक एवं शास्त्रोक्त विधि से संपन्न कराया। देव आवाहन, पूजन, मंत्रोच्चार, हवन और आहुतियों की प्रक्रिया विधिवत पूरी की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और गणेश वंदना के बीच विशेष हवन हुआ, जिसमें यज्ञाग्नि में आहुतियां समर्पित कर विघ्नों के निवारण, सुख-समृद्धि, शांति और लोककल्याण की कामना की गई।

गणेश चतुर्थी पर आयाेजित कार्यक्र में सप्त ऋषियों का विशेष पूजन एवं हवन भी हुआ। अनुष्ठान के माध्यम से भारतीय ऋषि परंपरा, तप, साधना और वैदिक ज्ञान के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई।

इस अवसर पर डॉ. विनय मिश्रा, सच्चिदानंद तिवारी, देव नारायण शुक्ल और यतींद्र उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर जगद्गुरु शंकराचार्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। अनुष्ठान के समापन पर लोककल्याण, धर्मरक्षा, राष्ट्र की उन्नति तथा सर्वजन के सुख-शांति की सामूहिक प्रार्थना की गई।

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