

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने फडणवीस और उद्धव को एक करने की बात कही है।
महाराष्ट्र के हालिया MLC चुनाव परिणामों के बाद बयानबाजी काफी तेज हो गई है।
भाजपा और शिवसेना के बीच मतभेदों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा ऐसा दावा है।
Ramdas Athawale Claim Devendra Fadnavis Uddhav Thackeray Together: महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न हुए एमएलसी चुनावों के परिणामों के बाद एक मंच पर सीएम देवेंद्र फडणवीस और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की मौजूदगी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि मैं हमेशा के लिए दोनों को एक साथ लाने की कोशिश कर सकता हूं।
एक कार्यक्रम में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे के एक मंच पर आने पर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने मजाकिया अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे लगता है कि वे इस मौके पर एक साथ आए हैं। नेता अक्सर शादियों और अन्य कार्यक्रमों में एक मंच पर आते ही रहते हैं।
उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस का एक मंच पर आना सोचना भी मुश्किल था, लेकिन राज ठाकरे ने उन्हें एक दिन के लिए एक साथ ला दिया। मैं भी कोशिश कर सकता हूं कि भविष्य में देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे को हमेशा के लिए एक साथ ले आऊं। मैं दोनों को साथ लाने का प्रयत्न कर सकता हूं।
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि वे कब कोशिश करेंगे तो वह जवाब देने से बचते दिखे।
आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से 'पीएम-किसान सम्मान निधि योजना' के तहत देश भर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे 18,680 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। यह 24वीं किस्त है, जिसके जरिए प्रधानमंत्री किसानों को आर्थिक सहायता देकर उनका समर्थन कर रहे हैं और उन्हें सशक्त बना रहे हैं। अगर किसान न होते, तो हमारा जीवन आसान नहीं होता, इसलिए उन्हें सशक्त बनाना हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने एमएलसी चुनावों के परिणामों को लेकर कहा कि 28 सीटों में से सबसे ज्यादा एनडीए को मिली हैं। लेकिन, महाराष्ट्र में नुकसान हुआ है, कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी कांग्रेस को नुकसान हुआ। नागपुर में एक सीट मिली है। महाराष्ट्र में पांचों सीटें लाने का हमारा प्रयत्न था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों को लेकर भाजपा-शिवसेना में हो रही बयानबाजी को लेकर आठवले ने कहा कि राजनीतिक बयान और आरोप-प्रत्यारोप राजनीति का हिस्सा हैं। महायुति और महाविकास अघाड़ी ने भी एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन सीटों पर हार के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच कुछ मतभेद सामने आए हैं। इन मतभेदों को सुलझा लिया जाएगा, और इसमें कोई बड़ी चिंता की बात नहीं है।