करवा चौथ पर मंदिरों में उमड़ी सुहागिनों की आस्था, पति की लंबी उम्र के लिए मांगी दुआ

Agra Karwa Chauth: करवा चौथ में पूजा के साथ महिलाओं की भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। पति की लंबी उम्र के साथ परिवार में सुख-समृद्धि,आपसी प्रेम और रिश्तों में मधुरता की कामना इस त्योहार को विशेष बनाती है।
Married women celebrated Karwa Chauth
सुहागिन महिलाओं ने मनाया करवा चौथ(सोर्स: नवभारत लाइव)
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Highlights:

  • कमला नगर के राधा-कृष्ण मंदिर में महिलाओं ने किए दर्शन

  • वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना

  • अखंड सौभाग्य का पावन पर्व है करवा चौथ

Agra Kamla Nagar Karwa Chauth: पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ करवा चौथ पर आगरा में सुहागिन महिलाओं की आस्था देखने को मिली। पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक श्रद्धा के बीच महिलाओं ने मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और अपने वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास व खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। कमला नगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में भी महिलाओं ने भगवान के दर्शन कर अपने सुहाग की सलामती की कामना की।

करवा चौथ का पर्व भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी के प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। आगरा में भी पर्व को लेकर महिलाओं में उत्साह और श्रद्धा का माहौल दिखाई दिया। पारंपरिक आस्था के साथ मंदिर पहुंचीं महिलाओं ने भगवान के समक्ष शीश झुकाया और अपने परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।

कमला नगर के राधा-कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान धार्मिक वातावरण देखने को मिला। महिलाओं ने भगवान के दर्शन कर करवा चौथ की परंपराओं का निर्वहन किया। इस पर्व पर पूजा के साथ महिलाओं की भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। पति की लंबी उम्र के साथ परिवार में सुख-समृद्धि, आपसी प्रेम और रिश्तों में मधुरता की कामना इस त्योहार को विशेष बनाती है।

Married women celebrated Karwa Chauth
सुहागिन महिलाओं ने मनाया करवा चौथ(सोर्स: नवभारत लाइव)
Married women celebrated Karwa Chauth
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चांद के दीदार के बाद खोला जाता है व्रत

करवा चौथ पर महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को चंद्र दर्शन का इंतजार करती हैं। परंपरा के अनुसार चंद्रमा को अर्घ्य देने और पूजा-अर्चना करने के बाद पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोला जाता है। चांद निकलने के साथ ही इस पर्व की प्रमुख धार्मिक रस्में पूरी होती हैं।

आस्था, परंपरा और पारिवारिक रिश्तों से जुड़ा करवा चौथ एक बार फिर यह संदेश देता नजर आया कि भारतीय त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि रिश्तों में प्रेम, समर्पण और विश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।

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