Taj Mahal Security Breach: सावन के तीसरे सोमवार को ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। एक तरफ श्रावण मास और सोमवार को देखते हुए ताजमहल समेत आगरा के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट रखा गया था, वहीं दूसरी तरफ हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर ताजमहल परिसर में आरती की और शिव चालीसा का पाठ भी किया।
इससे जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ताजमहल के उत्तरी भाग में यमुना नदी पार कर हिंदूवादी करीब आधा घंटे रुके और सुरक्षा एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी...
दरअसल, सावन के महीने में हिंदूवादी संगठन लंबे समय से ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ बताते हुए इसे शिव मंदिर होने का दावा करते रहे हैं। संगठन के कार्यकर्ताओं की ओर से सावन के सोमवार को ताजमहल में गंगाजल चढ़ाने और पूजा-अर्चना करने के प्रयास भी किए जाते रहे हैं। हालांकि, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), सिविल पुलिस और पुरातत्व विभाग की सुरक्षा व्यवस्था के चलते ऐसे प्रयासों को रोका जाता रहा है।
15 अगस्त को भी हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं द्वारा ताजमहल परिसर में तिरंगा फहराने के प्रयास का मामला सामने आया था, जिसे सुरक्षा कर्मियों ने नाकाम कर दिया था। ऐसे में सावन के तीसरे सोमवार को सामने आया वीडियो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने दावा किया कि ताजमहल वास्तव में तेजोमहालय है और हिंदुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि शिव मंदिर के लिए संघर्ष से हिंदू पीछे नहीं हटेगा और आवश्यकता पड़ी तो किसी भी तरह की कुर्बानी देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
पर्यटन को लेकर पूछे गए सवाल पर अज्जू चौहान ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए दावा किया कि धार्मिक पहचान सामने आने से पर्यटकों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ सकती है।