

Tricolour Found in Garbage Agra: स्वतंत्रता दिवस में अब महज एक दिन शेष है। देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत तिरंगा फहराने की तैयारियां चल रही हैं। जिस तिरंगे की आन, बान और शान के लिए देश के जवान अपना सर्वोच्च बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटते, उसी राष्ट्रीय ध्वज के कूड़े के ढेर में मिलने का मामला आगरा में सामने आया है। मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया।
आगरा के सिकंदरा इंडस्ट्रीज एरिया में कूड़े के ढेर के बीच बड़ी संख्या में तिरंगे और भगवा झंडे पड़े मिलने की सूचना सामने आई। झंडों के कूड़े में पड़े होने का वीडियो और CCTV फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और कूड़े से मिले तिरंगे एवं भगवा ध्वजों को लेकर थाना सिकंदरा पहुंच गए। पदाधिकारियों ने पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
शिकायत के बाद पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में तिरंगे और भगवा झंडे बरामद किए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में राष्ट्रीय ध्वज कूड़े के ढेर तक कैसे पहुंचे? इन्हें यहां किसने फेंका और क्या इसके पीछे किसी की लापरवाही है या जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया?
हिंदूवादी नेताओं का कहना है कि तिरंगा केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता, सम्मान और बलिदान का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले इस तरह तिरंगों का कूड़े में मिलना बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे बरामद किए गए झंडों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे और प्रशासन के सामने अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
फिलहाल पूरे मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कूड़े में मिले सैकड़ों तिरंगे वहां तक कैसे पहुंचे। लेकिन स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले सामने आई यह तस्वीर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर रही है।