

How BJP Organization Works Explained: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आज सोमवार, 17 अगस्त को अपनी नई टीम का ऐलान कर चुके हैं। नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राम माधव की भी संगठन में वापसी हुई है, उन्हें भी उपाध्यक्ष बनाया गया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। जबकि, उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत को भी बीजेपी उपाध्यक नियुक्त किया गया है। ओडिशा के बैजयंत जय पांडा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
नई टीम में कुल 13 उपाध्यक्ष और 8 महासचिव बनाए गए हैं। नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से ही नई टीम का गठन पेंडिंग था। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय टीम को और मजबूत किया है। दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कही जाने वाली बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत इसका संगठनात्मक ढांचा है, जो पन्ना प्रमुख से लेकर मार्गदर्शक मंडल तक काम करता है। आइए इस एक्सप्लेनर के जरिए जानते हैं कि भाजपा का संगठन किस तरह से काम करता है?
भाजपा संगठन का सबसे ऊपरी इकाई मार्गदर्शक मंडल है। यह पार्टी को वैचारिक और रणनीतिक रूप देने वाली सबसे टॉप की संस्था है। इसमें इकाई में पार्टी के चार सबसे सीनियर नेता शामिल हैं। यह संस्था पार्टी को मार्गदर्शन देने का काम करता है। इसके अलावा किसी भी बड़े फैसलों के समय दिशा तय करने का भी काम करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
लालकृष्ण आडवाणी
मुरली मनोहर जोशी
राजनाथ सिंह
भाजपा का संसदीय बोर्ड सर्वोच्च निर्णय लेने वाला इकाई है, जिसकी अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। पार्टी की बड़ी पॉलिसी, चुनावी रणनीतियां और संगठन से जुड़े कई अहम फैसले इसी बोर्ड में लिए जाते हैं। इस बोर्ड में कुल 12 सदस्य हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (अध्यक्ष)
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन
राजनाथ सिंह
अमित शाह
जेपी नड्डा
बीएस येदियुरप्पा
सर्बानंद सोनोवाल
के लक्ष्मण
इकबाल सिंह लालपुरा
सुधा यादव
सत्यनारायण जटिया
बीएल संतोष
भाजप संगठन में तीसरे नंबर पर केंद्रीय चुनाव समिति आता है। इस समिति में कुल 15 सदस्य होते हैं, जो लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए उम्मादवारों के नाम पर अंतिम मुहर लगाने का काम करते हैं। इसमें संसदीय बोर्ड के सभी 12 मेंबर्स के अलावा महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष वनिती श्रीनिवासन शामिल होती है। चुनाव में किसे टिकट मिलेगा और किसे नहीं, इसका आखिरी फैसला इस समीति के जरिए होता है।
भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी में सबसे सर्वोच्च होता है। पार्टी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक निर्वाचक मंडल करता है, जिसमें करीब 5,700 सदस्य शामिल होते हैं। इसके लिए कई नियम और शर्तें भी होती हैं। जैसे कि...
अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार को कम से कम 15 साल तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य और चार कार्यकाल तक एक्टिव मेंबर रहना जरूरी है।
उम्मीदवार को पांच अलग-अलग राज्यों से कम से कम 20 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है।
अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है और एक व्यक्ति लगातार दो कार्यकाल तक ही इस पद पर रह सकता है।
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए अध्यक्ष का चुनाव होता है। तब तक पुराना अध्यक्ष कार्यवाहक के रूप में काम करता रहता है।
इसके अलावा बीजेपी के 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होते हैं, नई टीम में शामिल हैं:
वसुंधरा राजे सिंधिया
बैजयंत पांडा
तीरथ सिंह रावत
राम माधव
डी. पुरंदेश्वरी
रेखा धर्म
वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी
डॉ. भारती प्रवीण पवार
सरदार मनप्रीत सिंह बादल
लाल सिंह आर्य
प्रो. एम. नागराज
प्रो. तारिक मंसूर
डॉ. मधुचंद्र कर
राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी का नंबर आता है, जो पार्टी के लिए रणनीति निर्धारित करने का काम करती ह। भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अध्यक्ष समेत 120 से अधिक सदस्य नहीं हो सकते हैं। इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जैसे पद शामिल होते हैं।
इनमें से एक पद महासचिव संगठन का होता है, जो पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की पूरी जिम्मेदारी को देखता है। नई टीम में स्मृति ईरानी जैसे दिग्गज चेहरों को जगह मिली है, जिससे संगठन को चुनावी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर मजबूती मिली है।पार्टी में 7 राष्ट्रीय महामंत्री होते हैं।
भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर पार्टी का दिमाग है, तो राज्य स्तर उसकी रीढ़ है। राष्ट्रीय रणनीतियों को यहीं से जमीनी स्तर पर लागू किया जाता है और राज्य के चुनावों की पूरी कमान संभाली जाती है। पार्टी के संविधान राज्य स्तर की दो मुख्य इकाइयों को परिभाषित करता है- राज्य परिषद और राज्य कार्यकारिणी।
राज्य परिषद को राज्य स्तर की सबसे बड़ी सलाहकार समिति समझिए। इसमें जिला इकाइयों से चुने गए सदस्य, पार्टी के 10 प्रतिशत विधायक, 10 प्रतिशत सांसद, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, राज्य कार्यकारिणी के सभी सदस्य, विधानसभा और विधान परिषद में पार्टी के नेता, सभी जिलाध्यक्ष, नगर निगम और जिला परिषद के अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष से मनोनीत 25 सदस्य और राज्य के सभी मोर्चों के अध्यक्ष शामिल होते हैं। राज्य परिषद की सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव करना है।
राज्य कार्यकारिणी को राज्य स्तर की मंत्रिमंडल समझिए। बीजेपी ने राज्यों को तीन कैटेगरीज में बांटा है और हर कैटेगरी के लिए कार्यकारिणी का आकार तय है।
बीजेपी में संगठनात्मक ढांचा हमेशा नीचे से ऊपर बनता है। सबसे पहले बूथ अध्यक्षों का चुनाव होता है, फिर मंडल अध्यक्षों का, उसके बाद जिला अध्यक्षों का, फिर प्रदेश अध्यक्ष का और आखिर में राष्ट्रीय अध्यक्ष का। इस पूरी प्रक्रिया को संगठन पर्व कहा जाता है। सबसे खास बात यह है कि कम से कम 50 प्रतिशत राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है।