

Amravati Bholeshwar Temple: अमरावती पुराना शहर स्थित जुनी टाकसाल का ऐतिहासिक श्री भोलेश्वर संस्थान पवित्र श्रावण मास के आगमन के साथ ही श्रद्धा और भक्ति के माहौल से सराबोर हो गया है। मंदिर में आयोजित हो रहे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों और मनोहारी सजावट के कारण यहाँ श्रद्धालुओं का ताँता लगा हुआ है।
प्राचीन श्री भोलेश्वर मंदिर में हर श्रावण सोमवार को भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार किया जाता है। यहां की जाने वाली अत्यंत आकर्षक एवं अलौकिक शिवलिंग सजावट को स्थानीय भाषा में 'शंकराचा सेंज' कहा जाता है। रात 9:00 बजे के बाद इस दिव्य रूप के दर्शन के लिए भारी संख्या में भक्त पहुँच रहे हैं। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ अपनी समृद्ध ऐतिहासिक परंपराओं के कारण यह मंदिर अमरावती की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
भोलेश्वर आरती मंडल की देखरेख में नियमित पूजा-अर्चना के साथ-साथ श्रावण माह के विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है। 17 अगस्त को रात 9 बजे महादेव जी का 2100 बेलपत्रों से विशेष अभिषेक, भव्य श्रृंगार एवं आरती, 24 अगस्त को त्र्यंबकेश्वर रूप का श्रृंगार एवं आरती, 31 अगस्त को उज्जैन के श्री महाकाल रूप का अलौकिक श्रृंगार एवं आरती, 7 सितंबर को श्री बालाजी रूप में विशेष श्रृंगार दर्शन एवं आरती, प्रत्येक शनिवार को रात 9 बजे हनुमान चालीसा पाठ, रामस्तुति और महाआरती का आयोजन होता है। मंदिर में भोलेश्वर आरती मंडल, भोलेश्वर महिला भजन मंडल एवं आदिशक्ती भजन मंडल द्वारा भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी जा रही है।
भोलेश्वर मंदिर परिसर में भगवान शिव के साथ-साथ श्री बजरंगबली, प्रभु श्रीराम, बहिरम बाबा, विट्ठल-रुक्मिणी और मकरध्वज जी की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं, जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। इस पूरे महोत्सव और व्यवस्थाओं को सफल बनाने में संजय तवर, संजय पारवे, अभिषेक दांडवे, भावेश घायर, अलोक काळे, ओम देशपांडे, राजु पवार, पंजाबराव पारवे, विलास कथलकर, तुषार अवजेकर सहित सभी स्थानीय सेवाधारी एवं भोलेश्वर आरती मंडल के सदस्य जी-जान से जुटे हुए हैं।