नागरिक उड्डयन मंत्रालय (फोटो - गूगल इमेज) 
यूटिलिटी

हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत: 6 महीने में 73 हजार शिकायतों का समाधान, MoCA की नई व्यवस्था हुई कारगर

MoCA PACR System : नागरिक उड्डयन मंत्रालय की PACR प्रणाली ने पिछले छह महीनों में 73 हजार से अधिक हवाई यात्रियों की शिकायतों का समाधान किया है। मंत्रालय का दावा इस व्यवस्था की सफलता दर 98 प्रतिशत रही।

हितेश तिवारी

Air Passenger Complaints : हवाई यात्रियों की शिकायतों का तेजी से समाधान करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) द्वारा शुरू की गई पैसेंजर असिस्टेंस एंड कंप्लेंट रिजॉल्यूशन (PACR) प्रणाली प्रभावी साबित हो रही है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले छह महीनों में इस व्यवस्था के माध्यम से 73 हजार से अधिक यात्रियों की शिकायतों का निपटारा किया गया है।

PACR एक 24×7 सक्रिय कंट्रोल रूम की तरह काम करता है, जहां एयरपोर्ट, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के प्रतिनिधि मिलकर शिकायतों का समाधान करते हैं। एयर सेवा पोर्टल, ईमेल, सोशल मीडिया और कॉल के जरिए प्राप्त शिकायतों को एकीकृत कर उन पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।

6 महीने में 73 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान

मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, PACR की निगरानी तीन स्तरों पर की जाती है। इसमें ASO, US/SO और संयुक्त सचिव (JS) स्तर के अधिकारी शिकायतों की प्रगति पर नजर रखते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को रियल-टाइम डैशबोर्ड उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे हर शिफ्ट में चल रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग कर सकें।

नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि हाल के वर्षों में यात्रियों की शिकायतों का दायरा काफी बढ़ा है और सोशल मीडिया अब शिकायत दर्ज कराने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। इसी वजह से मंत्रालय ने शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए यह नई व्यवस्था लागू की है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

MoCA की PACR प्रणाली का 98% सफलता दर

मंत्रालय का दावा है कि PACR प्रणाली की सफलता दर 98 प्रतिशत रही है। शिकायतों के समाधान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अगले 90 दिनों में एयर सेवा प्लेटफॉर्म का नया संस्करण भी लॉन्च किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, नई तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।

जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं होता, उन्हें उच्च स्तर पर भेजकर प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का मानना है कि यह प्रणाली यात्रियों के हितों की रक्षा करने, जवाबदेही बढ़ाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रही है।

धामी सरकार के फैसले पर भड़के मुरली मनोहर जोशी! बद्रीनाथ में संगीत कार्यक्रम पर बोले- धाम की पवित्रता पर आघात

अप्रूवर बन जाइए तो बचेंगे...CEC पर बरसे पवन खेड़ा, बोले- न मोदी बचेंगे, न शाह और न ज्ञानेश बाबू

लैंडस्लाइड के बाद सिक्किम के दर्जनों परिवार पर आफत, लगातार भारी बारिश के बीच आशियाना तलाश रहे लोग

अनिल अंबानी की रिलायंस पावर को बड़ा झटका, बोर्ड मेंबर सचिन महापात्रा ने दिया इस्तीफा, जानिए क्या बताई वजह

Dr. Manmohan Singh Biography: अर्थशास्त्री से प्रधानमंत्री तक, जानिए उनके जीवन और उपलब्धियों की कहानी