8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की लगी लॉटरी! मिलेगा पूरे 24 महीने का एरियर, क्या है ताजा अपडेट?

8th Pay Commission: इस समय आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर चर्चा चल रही है। बैठक में अलग-अलग सुझावों के बाद जो भी फैसला आएगा, वो आयोग द्वारा 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा।
8th Pay Commission latest update
आठवां वेतन आयोग, (डिजाइन फोटो/ नवभारत)
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8th Pay Commission Latest Update: पिछले काफी समय से आठवें वेतन आयोग की राह देख रहे केंद्रीय कर्मचारियों में इस समय खुशी की लहर है। क्योंकि नए वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। फिलहाल इसको लेकर कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच सवाल उठ रहा है कि अगर नए वेतन आयोग को लागू होने में समय लगी तो क्या एकमुश्त एरियर मिलेगा। अगर ऐसी स्थिति बनती है तो क्या उस पर ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा?

गौरतलब है कि इस समय आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर चर्चा चल रही है। बैठक में अलग-अलग सुझावों के बाद जो भी फैसला आएगा, वो आयोग द्वारा 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। अगर सरकार की ओर से इसे 2027 से लागू किया जाता है तो, कर्मचारियों को 18 से 24 महीने का एरियर एक साथ मिल सकता है। हालांकि, इस मामले को लेकर फिलहाल सरकार ने कोई आधिकारिक तौर पर कोई भी जानकारी साझा नहीं की है।

फिटमेंट फैक्टर से तय होगा एरियर

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाली एरियर की राशि इस बात पर निर्भर करेगी की सरकार कितना फिटमेंट फैक्टर तय करती है। फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, सैलरी और एरियर उसी हिसाब से तय होंगे। ऐसे में अब कर्मचारियों के मन में एक ही सवाल है कि यदि एकमुश्त रकम के तौर पर एरियर मिलता है तो इसे उसी साल का इनकम माना जाएगा, जिस साल वो कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में आएग। इससे कई कर्मचारियों को डर है कि उनकी आय ज्यादा दिखने के कारण वे हाई लेवल के टैक्स स्लैब में आ जाएंगे और उन्हें ज्यादा टैक्स भरना पड़ेगा।

पुराना और नए टैक्स रिजीम में बेहतर कौन?

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के मन में जो सवाल चल रहे हैं उसका जवाब इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 89(1) के जरिए मिल जाएगा। यह अधिनियम और धारा कर्मचारियों को इस सवाल से राहत देती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पिछले साल का वेतन बाद में मिलने की वजह से कर्मचारियों पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ न पड़े।

विशेषज्ञों की मानें तो, ओल्ड और न्यू टैक्स इन दोनों में से कौन सा रिजीम अच्छा रहेगा, यह हर कर्मचारियों की स्थिति पर निर्भर करता है। जिन कर्मचारियों के पास 80C, 80D, HRA या होम लोन जैसी छूटें हैं, उनके लिए ओल्ड टैक्स रिजीम फायदे का सौदा हो सकता है। वहीं, कम डिडक्शन वाले कर्मचारियों के लिए न्यू टैक्स रिजीम बेहतर साबिक हो सकता है।

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