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Navbharat Nishanebaaz: अमिताभ बच्चन की कृष्ण भक्ति, इसे क्यों दी जा रही चुनौती ?

Amitabh Bachchan Krishna Bhakti: अमिताभ बच्चन के हाथी-घोड़ा पालकी जयकारे को लेकर उठी चर्चाओं पर निशानेबाज ने व्यंग्य किया है। लेख में उनकी कृष्ण भक्ति, निजी आस्था व राजनीतिक विवादों से दूरी पर तंज है।

अंकिता पटेल

Highlights

  • अमिताभ बच्चन के 'हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की' कहने को कृष्ण भक्ति बताया गया है।

  • लेख में इस धार्मिक अभिव्यक्ति को राजनीतिक चुनौती मानने वाली मीडिया व्याख्या पर व्यंग्य किया गया है।

  • अमिताभ बच्चन को राजनीति से दूर और धार्मिक आस्था रखने वाला कलाकार बताया गया है।

  • जलसा के बाहर बम की धमकी के बाद बिग बी ने बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से प्रशंसकों का अभिवादन किया।

Amitabh Bachchan News: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, अमिताभ बच्चन उर्फ बिग-बी की कृष्ण भक्ति को विरोधियों की दी गई चुनौती क्यों माना जा रहा है। उन्होंने 'हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की' कहकर भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा व्यक्त की तो मीडिया ने इसका गलत अर्थ निकालकर इसे विरोधियों को ललकारने, चुनौती और धमकी देने वाला बयान परिभाषित कर दिया।'

हमने कहा, 'बात का बतंगड बनाने में क्या रखा है! भागवत कथा के दौरान कृष्ण जन्म मनाते हुए भक्तजन हर्षपूर्वक जोर से कहते हैं 'हाथी दीन्हों, घोड़ा दीन्हों और दीन्हों पालकी, नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की।' इसका अर्थ है कि कृष्ण जन्म की खुशी में नंदबाबा ने हाथी, घोड़ा और पालकी का दान किया। अमिताभ बच्चन का हाथी, घोड़ा जैसी चीजों से कोई संबंध नहीं है बल्कि उन्होंने तो फिल्म 'दीवार' में शशि कपूर से कहा था- 'मेरे पास बंगला है, गाड़ी है, दौलत है, शोहरत है, तुम्हारे पास क्या है?' इसके जवाब में शशि कपूर ने कहा था- 'मेरे पास मां है!' रही बात पालकी की, तो बिग बी किसी भी पार्टी या नेता की पालकी नहीं ढो रहे हैं। फिल्म इंडस्ट्री में अक्षय कुमार, परेश रावल, अनुपम खेर और कंगना रनौत जैसे कलाकार मोदी भक्त हैं तो नसीरुद्दीन शाह खुद को अर्बन नक्सल कहकर मोदी विरोध दर्शा रहे हैं।

जया बच्चन सपा की सांसद हैं लेकिन अमिताभ बच्चन का किसी भी पार्टी या राजनीति से कोई संबंध नहीं है। वह अपनी 84 वर्ष की उम्र में धार्मिक आस्था व्यक्त कर रहे हैं। वह पहले भी एक बार अपने बंगले से पैदल सिद्धि विनायक का दर्शन करने गए थे। 40-50 साल पहले वह फिल्मों में एंग्री यंग मैन थे, अब वह संप्रचुअल ओल्ड मैन बन चुके हैं।

वह 42 वर्षों से प्रति वर्ष 1 नवंबर को अपने चहेतों को अपने बंगले जलसा की गैलरी से दर्शन देते आ रहे हैं। इस बार उनका बंगला बम से उड़ाने की धमकी की वजह से उन्होंने पारदर्शक बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से अपने फैन को दर्शन देते हुए हाथ हिलाया। वह सदी के महानायक हैं जिनका किसी से विरोध नहीं है।'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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