Goga Navami 5 September 2026 : हर साल भाद्रपद कृष्ण पक्ष की नवमी को गोगा नवमी मनाई जाती हैं। यह पर्व गोगाजी महाराज के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को मुख्य रूप से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है।
इस दिन नाग पूजन के साथ गोगाजी की आराधना की जाती है। महिलाएं संतान की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। जानिए इसका महत्व और क्या है पूजा विधि।
इस वर्ष, 2026 गोगा नवमी 5 सितंबर, शनिवार को मनाई जा रही है। यह पर्व भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर आता है। उदया तिथि के साथ ही नवमी 5 सितंबर को पूरे दिन रहेगी। इसलिए पूजा, व्रत और गोगाजी महाराज को भोग लगाने जैसे धार्मिक काम इसी दिन किए जाएंगे।
गोगाजी महाराज राजस्थान के प्रमुख लोकदेवताओं में एक है। वीर गोगाजी महाराज को समर्पित गोगा नवमी स्मृति और आराधना का पर्व है। लोकमान्यता है कि गोगाजी अपने साहस, न्याय और जनकल्याण के लिए प्रसिद्ध थे। उन्हें सांपों का देवता भी माना जाता है। ग्रामीण इलाकों में लोग सर्पदंश और दूसरे संकटों से रक्षा की कामना करते हुए उनकी पूजा करते हैं। हालांकि, यह लोक आस्था है और सांप के काटने पर पूजा के साथ तत्काल अस्पताल जाकर चिकित्सकीय उपचार कराना सबसे जरूरी है।
गोगा नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं और साफ-सुथरे कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल पर गोगा देव जी की मिट्टी से बनाई हुई मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद गोगा देव की पूजा में उन्हें हल्दी, चावल, रोली, वस्त्र और अन्य सामग्री अर्पित करें। इन दिन आप उन्हें भोग के रूप में खीर, चूरमा और गुलगुले (पुए) आदि का भोग लगाएं।
साथ ही गोगा देव जी के घोड़े को मसूर की दाल का भोग लगाएं। अंत में गोगा जी कथा का पाठ करें और उनकी आरती करें। सभी लोगों में प्रसाद बांटें। इसके साथ ही रक्षाबंधन पर बांधी गई राखी को इस दिन गोगा देव की अर्पित करने का भी विधान है।