Teachers' Day 2026: क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन की 8 खास बातें

Teachers Day: जब जड़ें मजबूत होती हैं, तो किसी पेड़ को डिगा पाना आसान नहीं होता। ठीक इसी तरह एक विद्यार्थी के जीवन में गुरु की भूमिका होती है। शिक्षक दिवस पर जानिए राधाकृष्णन के जीवन की 8 खास बातें।
Dr Sarvepalli Radhakrishnan
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णनफोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
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Born on 5 September 1888
शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महान शिक्षाविद् और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन 5 सितंबर को मनाया जाता है। उनके सम्मान में इस दिन को पूरे भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश के उन सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आइए, शिक्षक दिवस के इस खास मौके पर जानते हैं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन से जुड़ी 8 खास और रोचक बातें।सोर्स- सोशल मीडिया
Started career as a teacher
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के तौर पर की। उन्होंने कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में दर्शनशास्त्र पढ़ाया और विद्यार्थियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। डॉ. राधाकृष्णन ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में भी दर्शनशास्त्र का अध्यापन किया। उनकी विद्वता और भारतीय दर्शन की समझ ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
Wrote many important books
उन्होंने भारतीय दर्शन, धर्म और अध्यात्म से जुड़े कई महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे। उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों में 'Indian Philosophy', 'The Philosophy of Rabindranath Tagore' और 'The Hindu View of Life' शामिल हैं।सोर्स- सोशल मीडिया
Affiliated with Banaras Hindu University
डॉ. राधाकृष्णन ने आंध्र विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। बाद में वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे। शिक्षा व्यवस्था में उनके योगदान को आज भी महत्वपूर्ण माना जाता है।फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
Became the first Vice President of independent India
स्वतंत्रता के बाद डॉ. राधाकृष्णन ने देश की सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे 1952 में भारत के पहले उपराष्ट्रपति बने और करीब एक दशक तक इस पद पर रहे। और आगे चलकर उन्होंने 13 मई 1962 को भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में पद संभाला। वे 1967 तक इस पद पर बने रहे। सोर्स- सोशल मीडिया
Awarded Bharat Ratna
डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 1954 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वह इस सम्मान को प्राप्त करने वाले देश के पहले व्यक्तियों में से एक थे (उनके साथ सी. राजगोपालाचारी और डॉ. सी. वी. रमन को भी यह सम्मान मिला था)। सोर्स- सोशल मीडिया
Represented India in the Soviet Union
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने कूटनीतिक भूमिका भी निभाई। 1949 से 1952 तक वे सोवियत संघ में भारत के राजदूत रहे। यह उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाता है कि वे शिक्षा और दर्शन के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जिम्मेदारी भी निभा चुके थे।सोर्स- सोशल मीडिया
Teachers Day 2026
डॉ. राधाकृष्णन की जयंती यानी 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन देशभर में शिक्षक के योगदान और शिक्षा के महत्व को सम्मान दिया जाता है। इस तरह राधाकृष्णन का जन्मदिन आज करोड़ों विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए ज्ञान और गुरु के प्रति सम्मान का प्रतीक बन चुका है।फोटो सोर्स- Pinterest

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